कोरोना से डर के कारण डिप्रेशन के शिकार हो रहे हैं लोग

देवरिया। कोरोना वायरस की दूसरी लहर में हर गुजरते दिन के साथ मामलों में वृद्धि हुई है। कोरोना से बचाव और जंग में इम्युनिटी पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
कोरोना के डर से इम्युनिटी लेवल काम हो रहा है और लोग डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं।
कोविड एल-2 अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. विजय गुप्ता का कहना है कि कोरोना से लोग डरें नहीं क्योंकि डर इम्युनिटी लेवल को कम कर देता है। इससे बचने के लिए सकारात्क सोचें, अधिक से अधिक व्यस्त रहें तथा व्यायाम व योग करते रहें। उन्होंने बताया  कोरोना का डर लोगों के मन में अधिक बैठ गया है। इससे लोग डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। इससे बचने के लिए अधिक से अधिक सकारात्मक रहें।
उन्होंने कहा कि दूसरों के साथ कोरोना संबंधी चर्चा ना करें और ना ही कोई सलाह दें क्योंकि सभी व्यक्तियों की मानसिक क्षमता एक जैसी नहीं होती है। लगातार कोरोना  की चर्चा करने से लोग डिप्रेशन व एंग्जायटी का शिकार हो रहे है। जितना संभव हो संगीत व भजन सुनें, बच्चों के साथ गेम खेले, परिवार के साथ बैठकर चर्चा करें। नकारात्मक विचार आने पर उसे दोस्तों और घर परिवार के सदस्यों के साथ जरूर शेयर करें, नकारात्मक विचार को अंदर ना रखें।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि जिनके   शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत है, वह कोरोना बीमारी का  सामना अच्छी तरह से कर सकते हैं। वैसे, इम्यून सिस्टम एक-दो दिन या एक-दो हफ्तों में मजबूत नहीं होता। इसके लिए  नियमित रूप से अपने खान-पान और लाइफस्टाइल से जुड़ी कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होता है। लेकिन यह भी सच है कि कोरोना आखिरी वायरस नहीं है, आगे भी कई जानलेवा वायरस आएंगे। जरूरी है कि अपनी इम्यूनिटी बढ़ाएं और खुद को अंदर से मजबूत बनाएं ताकि आप आसानी से बीमार न पड़ें।
सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि  किडनी, कैंसर, डायबीटीज, दिल की बीमारी आदि के मरीज का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। इसलिए इन्हें ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत होती है। चूंकि आजकल शुगर की बीमारी काफी कॉमन है और लोग इसके प्रति  लापरवाह भी होते हैं। इसलिए ऐसे लोगों को  अपनी इम्यूनिटी पर ध्यान जरूर देना चाहिए।