छह महीने में ही बंद हो गया बीआरडी मेडिकल कालेज का नशा मुक्ति केन्द्र

गोरखपुर। बीआरडी मेडिकल कालेज का नशा मुक्ति केन्द्र छह महीने में ही बंद हो गया। इस केन्द्र के लिए न राज्य सरकार ने बजट दिया और न केन्द्र सरकार देने का तैयार हैं। यहां पर कार्य करने वाले चिकित्सक और 14 कर्मियों को छह महीने से वेतन भी नहीं मिला है।

बीआरडी मेडिकल कालेज में 30 बेड का नशा मुक्ति केन्द्र फरवरी में शुरू किया गया था। इसका उद्घाटन गोरखपुर जिले के प्रभारी मंत्री रमापति शास्त्री ने किया था। इस केन्द्र को संचालित करने के लिए राज्य मद्य निषेध विभाग ने 33 लाख का बजट आवंटित किया था लेकिन यह धन बीाअरडी मेडिकल कालेज को नहीं मिला। नशा मुक्ति केन्द्र के संचालन के लिए केन्द्र सरकार से भी धन मिलने की बात कही गई थी लेकिन वहं से भी कोई बजट नहीं दिया गया।

नशा मुक्ति केन्द्र जब शुरू हुआ तो कुछ मरीज भर्ती किए गए। यहां पर मरीजों का मुफत इलाज के अलावा भोजन व पुनर्वास की भी व्यवस्था थी। इस केन्द्र को विस्तारित कर 60 बेड तक करने की योजना थी लेकिन राज्य सरकार और केन्द्र सरकार से बजट नहीं मिलने के कारण केन्द्र का संचालन मुश्किल को गया और आखिरकार इसे बंद कर दिया गया। यहां भर्ती मरीजों केा डिस्चार्ज कर दिया गया है।

बीआरडी मेडिकल काजेज के प्रधानाचार्य डाॅ गणेश कुमार का कहना है कि जब बजट मिलेगा तो केन्द्र को फिर से संचालित किया जाएगा।

नशा मुक्ति केन्द्र में कार्य करने वाले चिकित्सक व 14 कर्मियों को छह महीने से वेतन नहीं मिला है।