बहराइच। ग्राम स्तरीय वन अधिकार समिति, आम्बा ने पूर्व सूचना के अनुसार 24 जून को अपराह्न 4:00 बजे से 7:00 तक बैठक कर बिछिया बाजार के दावा करने से वंचित रह गए वन निवासियों के दावों पर सुनवाई की। कुल 29 लोगों ने समिति के समक्ष उपस्थित होकर अपने दावे प्रस्तुत किए। बैठक में 15 सदस्यों वाली ग्राम स्तरीय वन अधिकार समिति में 13 सदस्य मौजूद रहे।
बैठक की अध्यक्षता मेहताब खा ने की। समिति के सचिव सुरेश आर्या ने बताया कि बिछिया बाजार में लोग सैकड़ो बरसों से निवास कर रहे हैं लेकिन वन अधिकार कानून 2006 के लागू होने के 19 वर्ष बाद भी अभी तक इन्हें अधिकार प्राप्त नहीं हुआ है। ग्राम स्तरीय वन अधिकार समिति ने भौतिक सत्यापन करने के बाद दावों का सत्यापन करते हुए 29 में से 27 लोगों को वन अधिकार कानून के तहत मालिकाना हक प्राप्त करने के योग्य पाया। इन 27 लोगों के दावे को परीक्षण के लिए उपखंड स्तरीय समिति के समक्ष अग्रेषित किया जा रहा है। साथ ही संकल्प पत्र भी पारित किया गया है कि बिछिया बाजार का अब कोई भी वन निवासी दावेदारी से वंचित नहीं रह गया है।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता जंग हिंदुस्तानी ने उपस्थित लोगों को वन अधिकार कानून 2006 नियम 2008 और संशोधित नियम 2012 के प्रावधानों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर सुरेश कुमार यादव, साकिर खान, मुन्नी देवी, इशरत जहां, कमला देवी, आसाराम यादव, सरोज कुमार यादव, समीउद्दीन खान, मोहम्मद सगीर, ओवैस रहमान, सुशील कुमार गुप्ता, फहीम अंसारी आदि मौजूद रहे।
