गोरखपुर। गोरखपुर एन्वायरन्मेंटल एक्शन ग्रुप के स्वर्ण जयंती समारोह के दूसरे दिन ‘ विज्ञान, स्थानीय ज्ञान तथा जलवायु संवेदी आजीविका के मध्य सामंजस्य ‘ और ‘ जल प्रबन्धन तथा जलवायु सुरक्षा ’ विषय पर चर्चा हुई।
पहले सत्र में ‘ विज्ञान, स्थानीय ज्ञान तथा जलवायु संवेदी आजीविका के मध्य सामंजस्य ‘ विषय पर चर्चा में विषय विशेषज्ञ के रुप में आई.आई.टी. रुड़की के प्रो0 अनिल कुमार गुप्ता, सी.आर.एस., नई दिल्ली की सुश्री दीप्ति पंत, प्रतिनिधि संस्थान, लखनऊ के डा0 मजहर रशीदी, समर्पण संस्थान, जालौन के राधेकृष्ण, प्रगतिशील किसान धनेशरी देवी, और सुशील कुमार ने भागीदारी की।
जीईएजी के प्रतिनिधि डा0 विजय सिंह ने सभा मंच पर उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत किया और उनका परिचय प्रस्तुत किया।
आई0आई0टी0, रुड़की, नोएड़ा कैम्पस में प्रो0 अनिल कुमार गुप्ता ने कहा कि हर जिलें में गोरखपुर एन्वायरन्मेंटल एक्शन जैसी संस्था बननी चाहिए। अत्यधिक बारिश और बाढ़ के कारण खाद्य उत्पादकता और आजीविका प्रभावित हो रही है। मल्टीकल्चर को मोनोकल्चर के स्थान पर बढ़ावा देना चाहिए। पानी का कम होना और अधिक होना जलवायु परिवर्तन का कारण है। जलवायु परिवर्तन के कारण हमारी कृषि प्रभावित हो रही है। वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन के कारण सूखे की समस्या और बाढ़ की समस्या बढ़ गयी है। आज हमें जल प्रबन्धन पहले जैसे विज्ञान के साथ जुड़कर करना चाहिए।

दूसरे सत्र में ‘ जल प्रबन्धन तथा जलवायु सुरक्षा ’ विषय पर द एशिया फाउण्डेशन की निदेशक नन्दिता बरुआ, एच0सी0एल0 फाउण्डेशन, नई दिल्ली निदेशक के अंकित , स्वतंत्र पत्रकार मनोज सिंह, पंचशील डेवलपमेंट फाउण्डेशन, बहराईच के ध्रुव कुमार और ग्रामोन्नति संस्थान, बहराईच के आर0पी0 मिश्रा ने अपनी बातें कहीं।
सुश्री नन्दिता बरुआ ने कहा कि जल, धरती पर सीमित मात्रा में है। जल ही हमारे जीवन को और आजीविका को संचालित करता है। यह सीमित मात्रा में है। फिर भी हम इसके संरक्षण पर ध्यान नही देते हैं। पुराने जमाने में लोगों ने इसकी चिन्ता की थी, आज चिन्ता कम हो गयी है। जल के बिना कृषि कार्य नही हो सकता है।
एचसीएल फाउण्डेशन, नोएड़ा, नई दिल्ली के अंकित ने कहा कि हमें जल के प्रति अपने मनोविज्ञान को बदलना होगा। जल संरक्षण के लिए जन भागीदारी की आवश्यकता है।
जल पुरुष नाम से प्रसिद्ध जाने माने सामाजिक कार्यकर्ता राजेन्द्र सिंह कार्यक्रम में ऑनलाइन जुड़े। उन्होंने कहा कि गोरखपुर एन्वायरन्मेंटल एक्शन ग्रुप के अध्यक्ष डा0 शीराज अख्तर वजीह और संस्था से जुड़े सभी साथियों को 50 वर्ष की स्वर्णिम यात्रा की बधाई दी। उन्होंने कहा कि जीएईजी ने देश के पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया है।
उन्होने आगे कहा कि जल स्रोतों का स्थायित्व जरुरी है। जीवन यापन में, पर्यावरण संरक्षण में नदियों का योगदान अत्यन्त महत्वपूर्ण है। वर्तमान समय में छोटी नदियों एवं जलाशयों के संरक्षण की बहुत आवश्यकता है। धीरे-धीरे भूमिगत जल स्तर कम होता जा रहा है। जल संरक्षण समय की मांग है।
कार्यक्रम एक विशेष सत्र में पर्यावरण के क्षेत्र में कार्य करने के लिए अचिन्त्य लाहिड़ी, डॉ गोविन्द पाण्डेय, एमपी कंदोई , डॉ वीके श्रीवास्तव को हरित सम्मान से नवाजा गया।
डॉ धर्मव्रत तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
दो दिवसीय स्वर्ण जयंती समारोह के सभी सत्रों का संचालन रीता श्रीवास्तव ने किया।
