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सावित्री बाई फुले की जयंती मनायी, समान शिक्षा के लिए संघर्ष का संकल्प

गोरखपुर। सक्षम कृषि एवं महिला विकास संस्था के तत्वावधान में तीन जनवरी को संस्था के कार्यालय पर देश की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुले की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर सावित्री बाई फुले के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र खासकर नारी शिक्षा के लिए उनके स्वर किए गए अतुलनीय योगदान को याद किया गया और उनके अधूरे मिशन को पूरा करने का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए संस्था की सचिव सीमा कुमारी ने विस्तार से बताया कि आज महिलाओं को समाज में जिस स्थिति में हम खड़ा हुआ देख रहे हैं। वे समाज के हर क्षेत्र में सम्मानजनक स्थिति में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। इसके पीछे उनकी शिक्षा और नारी समाज में शिक्षा की अलख जगाने वाली पहली महिला सावित्री बाई फुले हैं। उस कठिन समय में उन्होंने पूरे ताकत से उस भेदभाव का मुकाबला किया और महिलाओं के लिए अलग विद्यालय की स्थापना की।

संस्था की अध्यक्ष आकृति ने उनके जीवन और संघर्ष पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके इस मिशन के 100 साल के बाद भी अभी उनका सपना अधूरा है। समाज में आज भी कई क्षेत्रों में महिलाएं भेदभाव का शिकार होती हैं ।आज सस्ती, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा से सरकार पल्ला झाड़ रही है ।आज समाज में दूसरे किस्म की अदृश्य दीवार खड़ी की जा सकती रही है।

कार्यक्रम में प्रीति कुमारी, सीमा कुमारी, रोमा, सुमन वर्मा आदि ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में निरानी लिया गया कि प्रतिवर्ष सावित्री बाई फुले जयंती मनाई जाएगी ।

धन्यवाद ज्ञापन ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन के सचिव ब्रजेश कुमार ने किया।

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