जौनपुर। कवि, लेखक, अनुवादक , संस्कृतिकर्मी अजय कुमार की स्मृति दिवस पर 12 जुलाई को हिंदी भवन के सभागार में ‘ राग जौनपुरी ‘ कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में अजय कुमार की किताब ‘ राग जौनपुरी ‘ पर परिचर्चा के साथ-साथ कवि सम्मेलन-मुशायरा होगा।
यह जानकारी हिंदी भवन के अध्यक्ष अपल कुमार और मंत्री धीरेन्द्र पटेल ने एक संयुक्त विज्ञप्ति में दी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 10 जुलाई को रात अजय कुमार का निधन हो गया था। उनकी पहली बरसी पर यह आयोजन किया जा रहा है। आयोजन के पहले सत्र में 12 जुलाईको दोपहर 12 बजे से ‘ राग जौनपुरी-इतिहास, समाज और संस्कृति ‘ पर परिचर्चा होगी। परिचर्चामें वरिष्ठ आलोचक प्रणय कृष्ण, वरिष्ठ कवि कौशल किशोर, लेखक एवं आईपीएस अधिकारी अमित कुमार, जाने माने पत्रकार एवं अनुवादक प्रभात कुमार, कवि आलोक श्रीवास्तव, युवा आलोचक प्रेमशंकर सिंह, स्थापत्य कला विशेषज्ञ कनिका सिंह, जाने-माने शायर अहमद निसार, कवि धीरेन्द्र पटेल भाग लेंगे। इस सत्र का संचालन समकालीन जनमत के संपादक केके पांडेय करेंगे।
दूसरा सत्र अपराह्न तीन बजे कवि सम्मेलन व मुशायरा का होगा। इसमें हिंदी-उर्दू कवि व शायर अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे। इनमें कौशल किशोर, अहमद निसार, इबरत मछलीशहरी, धीरेन्द्र पटेल, रूपम मिश्र, प्रतिमा मौर्य, अहमद हफीज, प्रभात, आलम ग़ाज़ीपुरी, विभा तिवारी, अजय विक्रम सिंह, आरपी सोनकर,असीम मछलीशहरी, मोनिस जौनपुरी, प्रमोद वाचस्पति, रामजीत मिश्र, प्रतीक मिश्र, अमृत प्रकाश प्रमुख हैं। संचालन वरिष्ठ कवि धीरेन्द्र पटेल करेंगे।
अजय कुमार के भीतर जौनपुर हमेशा धड़कता रहा। जौनपुर के गांव-कस्बे, गलियां-चौराहे, सेवाप्रेस-रास मंडल -हिंदी भवन, मिली जुली तहज़ीब, रिवायत, बोली-बानी उनके अंदर घुल गई थी। “ राग जौनपुरी ‘ में इसी की अभिव्यक्ति है। अजय कुमार का रचना संसार वृहत और विविध है। उन्होंने वामिक जौनपुरीकी ‘भूका बंगाल’, ‘मीना बाजार’ जैसी अनेक रचनाओं को हिंदी साहित्य समाज तक पहुंचाने का काम किया। उनके ही प्रयास से वामिक साहब की किताब ‘ वामिक जौनपुरी: एक रौशन मीनार ‘ हिंदी में आई। उन्होंने विश्व साहित्य को हिंदी पाठकों तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया।वे कुशल संगठक थे। वे जन संस्कृति मंच के संस्थापकों में थे। वे इसके उपाध्यक्ष रहे। उन्होंने हिंदी भवन में 1986 में हिंदी-उर्दू लेखकों का दो दिनों का सम्मेलन आयोजित किया जिसमें कैफ़ी आज़मी, वामिक जौनपुरी, होश जौनपुरी, अली अहमद फातमी सहित अनेक उर्दू के नामचीन अदीब शामिल हुए थे।
