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सहारनपुर में मस्जिद पर बुलडोजर चलाने की भाकपा (माले) ने निंदा की

लखनऊ, 5 सितंबर। भाकपा (माले) ने शनिवार को तड़के सहारनपुर कलेक्ट्रेट स्थित 70 साल पुरानी मस्जिद पर बुलडोजर चला कर ध्वस्त करने की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने इसे भाजपा सरकार की नफरत की राजनीति और मुस्लिमों को निशाना बनाने की सोच का परिणाम बताया है।

भाकपा (माले) की राज्य इकाई ने कहा कि मोदी-योगी सरकार में मुस्लिम अल्पसंख्यकों को, उनकी इबादतगाहों और शैक्षिक संस्थाओं को दमन व ध्वस्तीकरण का निशाना बनाया जा रहा है। प्रदेश में नेपाल की सीमा से लगे जिलों में पहले ही सैंकड़ों मदरसों, मस्जिदों, मजारों पर बुलडोजर चलाकर ध्वस्तीकरण किया गया या उन्हें नियमों का हवाला देकर बंद करा दिया गया। रामपुर में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर चलाने की साजिश रची गई। तकनीकी आधार पर पूरी यूनिवर्सिटी को ध्वस्त करने की तैयारी थी। छात्रों के विरोध के बाद मंडलायुक्त के स्थगनादेश से फिलहाल मामला रुका है। हालांकि यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर कार्रवाई का खतरा अभी स्थायी रुप से टला नहीं है।

माले ने कहा कि मौजूदा सत्ता संगठन में सांप्रदायिक सहिष्णुता का एक कतरा भी शेष होता, तो सहारनपुर की मस्जिद बचाई जा सकती थी। कलेक्ट्रेट स्थित मस्जिद भगवा गिरोह के संगठनों को खटक रही थी। इनकी याचिका पर नगर मजिस्ट्रेट के आदेश पर मस्जिद पर बुलडोजर चला दिया गया। बचाव पक्ष को उच्च न्यायालय जाने की मोहलत भी नहीं दी गई। मस्जिद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई प्रदेश में चल रहे गैरकानूनी असंवैधानिक बुलडोजर राज का ही एक रुप है।

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