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हाथरस के बाद अब बलरामपुर, अगवा कर आदिवासी लड़की के साथ गैंगरेप, अस्पताल ले जाते समय हुई मौत

गिरफ़्तार अभियुक्त

बलरामपुर। हाथरस की घटना के बाद बलरामपुर जिले के गैंसड़ी में एक आदिवासी लड़की की गैंगरेप के बाद हत्या कर देने की बर्बर घटना सामने आयी है। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ़्तार किया है। पुलिस ने बुधवार की रात लड़की का अंतिम संस्कार करा दिया।

घटना के बारे में मिली जानकारी के अनुसार बलरामपुर के गैंसड़ी कस्बे के पास मझौली गांव की अनुसूचित जन जाति की एक लड़की मंगलवार की सुबह दस  बजे बीकाम प्रथम वर्ष में एडमिशन के लिए निकली थी। उसे विमला विक्रम डिग्री कालेज में एडमिशन कराना था। यह कालेज लड़की के घर से 200 मीटर की दूरी पर है।

काफी देर बाद भी जब लड़की नहीं लौटी तो उसके भाई ने मोबाइल पर फोन किया। मोबाइल बंद मिला। रात आठ बजे के करीब लड़की एक रिक्शे से वापस घर लौटी। उसके हाथ में ड्रिप लगा हुआ था।

उसकी हालत बेहद खराब थी। वह न ठीक से बोल पा रही थी न चल पा रही थी। उसने मां को बताया कि उसके पेट में बहुत तेज जलन हो रही है। घर के लोग उसे एक प्राइवेट चिकित्सक के यहां ले गए। प्राइवेट चिकित्सक ने लड़की को सरकारी अस्पताल में ले जाने को कहा।

लड़की को गैंसड़ी से 12 किलोमीटर तुलसीपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया जा रहा था कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गयी।

लड़की की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गैंगरेप की पुष्टि हुई है। इसके बाद पुलिस ने लड़की के भाई से तहरीर लेकर गैंग रेप व हत्या का केस दर्ज किया और दो लोगों को गिरफ़्तार किया। गिरफ़्तार व्यक्ति के नाम शाहिद व सादिक है और रिश्ते में दोनों चाचा-भतीजा है। शाहिद की गैसड़ी में दुकान है।

दोनों आरोपियों को एक निजी चिकित्सक की निशानदेही पर गिरफ़्तार किया गया। इस निजी चिकित्सक को दवाखाने पर सादिक आया था और उसने घर के बीमार सदस्य को देखने की बात कही थी। जब निजी चिकित्सक उसके घर गए तो वहां एक लड़की सोफे पर मिली। लड़की के बारे में पूछे जाने पर दोनों कुछ स्पष्ट नहीं बता सके। इस पर चिकित्सक ने कहा कि वे लड़की के पिता से बातचीत के बाद ही इलाज कर सकेंगे। दोनों ने उनसे कहा कि लड़की के पिता जल्द आ रहे हैं। इसके बाद निजी चिकित्सक वहां से चले आए।

लड़की की मां का स्पष्ट आरोप है कि उनकी बेटी को अगवा कर गैंग रेप किया गया। उसे नशीला इंजेक्शन दिया गया।
बलरामपुर के पुलिस कप्तान ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लड़की के हाथ-पैर और कमर तोड़े जाने की पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले में हम और छानबीन कर रहे हैं। पीड़िता के परिजनों को छह लाख 18 हजार रूपए की मुआवजा राशि दी गयी है।

आज सुबह डीएम, एसपी और देवीपाटन मंदिर के महंत पीड़िता के घर पहुंचे और उनसे बातचीत की। लड़की के घर कई राजनीतिक दलों के नेता भी पहुुंचे हैं।

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