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गोरखपुर। कुशीनारा उच्च अध्ययन संस्थान द्वारा सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में मौलिक, लोक उपयोगी, प्रासंगिक और प्रगतिशील मूल्यों से आच्छादित लेखन व्यवहार, अध्यापन तथा कर्म के लिए सुप्रसिद्ध किसान नेता और विचारक स्वामी सहजानंद सरस्वती की स्मृति में वार्षिक सम्मान दिया जाएगा।

यह जानकारी संस्था के सचिव डॉ आनंद पांडेय ने एक विज्ञप्ति में दी। उन्होंने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती का जीवन अपने ज्ञान, व्यवहार और समझ को लगातार परिष्कृत करते हुए भारतीय समाज विशेषकर किसानों को स्वतंत्रता, समानता और शोषण के विरुद्ध संघर्ष के प्रति सचेत करने और बेहतर जीवन के प्रति आस्था पैदा करने के लिए समर्पित रहा। उनके प्रगतिशील विचार तथा साम्राज्यवाद के विरुद्ध संघर्ष हमारी धरोहर हैं । वे भारतीय जनमानस के सकारात्मक विरासत के प्रतीक पुरुष हैं।

संस्थान के निर्णय के अनुसार प्रतिवर्ष यह सम्मान अखिल भारतीय स्तर पर दिया जाएगा। सम्मान के रूप में प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह एवं ₹11000 दिए जाएंगे। सम्मान समारोह में स्वामी सहजानंद सरस्वती की स्मृति में व्याख्यान भी आयोजित किया जाएगा ।

वर्ष 2021 हेतु स्मृति सम्मान के लिए निर्णायक समिति गठित गठित कर दी गई है। जामिया मिलिया इस्लामिया,नई दिल्ली में समाजशास्त्र के प्रोफेसर डॉ शफीक अहमद समिति के अध्यक्ष हैं। उनकी अध्यक्षता में गठित की गई निर्णायक समिति में डॉ श्रीश पाठक (एमिटी विश्वविद्यालय, नोएडा) डॉक्टर सुरेंद्र यादव (उत्तरांचल विश्वविद्यालय उत्तराखंड), डॉ संजय कुमार ‘सुमन’ (जयप्रकाश नारायण विश्वविद्यालय छपरा, बिहार) तथा डॉ मनीषा सिंह ( जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय ,बलिया ) बतौर सदस्य शामिल हैं।

डॉ आनंद पांडेय ने बताया कि आयोजन प्रतिवर्ष फरवरी में स्वामी सहजानंद सरस्वती के जन्म पक्ष में आयोजित किए जाने की योजना है। संस्थान ज्ञान के विभिन्न अनुशासनों में विमर्श,अध्ययन,शोध और उसके प्रसार के एकल लक्ष्य से संचालित है।

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