विचार

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गोरखनाथ : धीरे धरिबा पाँव

सदानंद शाही अठवीं से लेके बरहवी शताब्दी ले चौरासी सिद्ध लोग अपभ्रंश में कविता करत रहे.  सिद्ध लोगन के कविता में भोजपुरी शब्द आ क्रिया रूप मिलल शुरू हो गईल रहे...

विचार समाचार साहित्य - संस्कृति

भारतीय किसान की मृत्यु का शोकगीत है ‘ गोदान ’ -प्रो गोपाल प्रधान

प्रेमचन्द जयंती पर ‘ प्रेमचन्द और किसान ’ पर व्याख्यान अलख कला समूह ने ‘ गुल्ली डंडा ’ का मंचन किया गोरखपुर, 31 जुलाई। प्रेमचन्द हिन्दी साहित्य के इतिहास में...

विचार विज्ञान - टेक्नोलॉजी

अवैज्ञानिकता के इस दौर में जनता के वैज्ञानिक का जाना…

राम नरेश राम जन संस्कृति मंच जन विज्ञान के लिए मशहूर बहुप्रतिभा के धनी प्रो. यशपाल हमारे बीच नहीं रहे। 24 जुलाई 2017 को 90 वर्ष की उम्र में नोएडा में उनका...

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कृषि संकट की जड़ें

जावेद अनीस आज भारत के किसान खेती में अपना कोई भविष्य नहीं देखते हैं. उनके लिये खेती-किसानी बोझ बन गया है. हालात यह हैं कि देश का हर दूसरा किसान कर्जदार है...

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प्रेमचंद की एक तस्वीर के अर्थात

                                               प्रमोद कुमार प्रेमचंद की एक बहुप्रचलित तस्वीर ही अलग-अलग स्केचिंग के साथ छपती व दिखती है. मैंने उसके अतिरिक्त...