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राप्ती नदी की धारा मोड़ी गई तो हमें गांव छोड़ने के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा

गोरखपुर। गोरखपुर जिले के बेलीपार क्षेत्र में राप्ती नदी की धारा मोड़ने का स्थानीय नागरिक विरोध कर रहे हैं. सरकार यहाँ पर गौरा -बसाइत तटबंध को बचने के नाम पर राप्ती नदी की एक नई धारा बनाना चाहती है. ग्रामीणों और नदियों पर कार्य करने वाले संगठनों क कहना है कि इस प्रोजेक्ट से न केवल दर्जनों गांवों के राप्ती की नयी बनी धारा में विलीन हो जाने का खतरा है बल्कि सात हजार से अधिक परिवारों के विस्थापित होंगे और उनसे पुस्तैनी जमीन, घर, खेती सब छिन जाएगी। प्रोजेक्ट के लिए सैकड़ों एकड़ उपजाऊ भूमि  भी अधिग्रहीत होगी।

गुपचुप तरीके से किए गए इस बड़े प्रोजेक्ट के दूरगामी पर्यावरणीय प्रभाव के बारे में सरकार और इस प्रोजेक्ट की कार्यदायी संस्था कुछ भी बोलने से कतरा रहा है।

गोरखपुर न्यूज़ लाइन और चलचित्र अभियान ने दो मई को करजही गांव जाकर स्थानीय ग्रामीणों से इस मुद्दे पर बात की.  ग्रामीणों की बातचीत को आप यहाँ देख सकते हैं.

 

 

 

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