अपने हाथों से बनाया मास्क गरीबों में मुफ्त बाँट रही है सुनने और बोलने में असमर्थ खुशनूद

खुशनूद के जज़्बे को प्रियंका गांधी ने किया सलाम, भेजा प्रशस्ति पत्र

गोरखपुर। शहर के मियां बाजार मोहल्ले की रहने वाली एक ख़ातून के जज़्बे को देख कर हर कोई उन्हे सलाम कर रहा है. खुशनूद फातिमा नाम की ख़ातून बोल और सुन नहीं सकती, लेकिन कोरोना के ख़तरेे को बखूबी समझ रही हैं। वे घर में हाथ वाली सिलाई मशीन से मास्क बना कर गरीब और बेसहारा लोगों में मुफ्त मे बांट रही हैं ताकि गरीब और बेसहारा लोग मास्क लगा कर खुद को कुछ हद तक महफूज़ रख सकें।

खुशनूद ने शादी नहीं की है. वह अपने वालिदैन के साथ ही गुज़र बसर कर रही है. उन्होंने  गोरखनाथ मूकबधिर स्कूल से क्लास पांच तक की तालीम हासिल की है, लेकिन सिलाई कढ़ाई में बेहद निपुण है। खुशनूद शुरू से ही दूसरों की मदद करने मे आगे रही है, और आज ऐसे वक्त मे जब मुल्क़ कोरोना जैसी ख़तरनाक बीमारी से जूझ रहा है तो इसने अपने सिलाई के हुनर के ज़रिये गरीबों की मदद करने का मन बना लिया।

वह ऐसे लोगों को जो कोरोना के वायरस से बचने के लिये मास्क तक नही खरीद पा रहे हैं, उन्हें खुद अपने हाथों से मास्क बना कर मुफ्त मे बांट रही हैं। साथ ही खुशनूद इशारों मे मास्क तकसीम करते वक्त लोगों को बेदार भी करती है, कि वक्त वक्त पर अपने हाथों को साबुन से धोते रहिये।

खुशनूद फातिमा के जज़्बे को कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने भी सलाम किया है। प्रियंका गांधी ने खुशनूद फातिमा के ज़रिये कोरोना के जंग में अहम किरदार निभाते हुए गरीबों को मुफ्त मास्क तकसीम किये जाने से मुतास्सिर हो कर खुशनूद को एक प्रशस्ति पत्र भेजा है। प्रशस्ति पत्र को उत्तर प्रदेश कांग्रेस के महासचिव विश्वविजय सिंह और ज़िला सद्र निर्मला पासवान ने खुद अपने हाथों से खुदनूश को घर जाकर सौंपा। दोनों नेताओं ने साथ में  मास्क के लिये कपड़ा एवं उपहार भी दिए।

मालूम हो कि खुशनूद ने अपने घर के बाहर बने ग्राहक सेवा केन्द्र पर जनधन अकाउंट होल्डरों को बड़ी तादाद मे देखा, जो पैसा निकालने के लिये बगैर मास्क लगाये आये हुए थे. इसके बाद से ही खुशनूद ने दिल ही दिल ठान लिया कि अपने हुनर से वो मास्क बना कर ऐसे लोगों की मदद करेगी, जो मास्क नही खरीद सकते। खुशनूद रोज़ाना मास्क बनाती है, और ग्राहक सेवा केन्द्र पर बगैर मास्क लगा कर आने वाले लोगों को और मोहल्ले के उन तमाम लोगों को मुफ्त मे मास्क तकसीम करती है जो खरीद नही सकते। क्योंकि खुशनूद समझती है, ऐसे वक्त मे इस तरह बगैर मास्क के घरों से बाहर निकलना कितना नुकसानदेह साबित हो सकता है।

मास्क बनाने के लिए खुशनूद कॉटन के कपड़ों का इस्तेमाल कर रही है। खुशनूद के इस इमदादी काम में इनके वालिदैन भी भरपूर मदद कर रहे हैं। ख़ुशनूद की वालिदा का कहना है, लोगों को बगैर मास्क के देख कर खुशनूद ने अहद किया कि वह गरीबों को खुद मास्क बना कर मुफ्त मे तकसीम करेगी। बेटी की इस सोच से मुतास्सिर होकर हम लोग भी बढ़चढ़ कर इस नेक काम मे खुशनूद का हाथ बंटा रहे हैं। खुशनूद की वालिदा हाजरा बेग़म ने बताया कि आज खुशनूद के ज़रिये बने तकरीबन पांच सौ मास्क मोहल्ले के गरीब लोगों मे बांटे जा चुके हैं।