गोरखपुर। अस्सी के दशक के मशहूर क्रिकेट खिलाड़ी आनंद कुमार सक्सेना का 30 अप्रैल की शाम को निधन हो गया। वे ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में सहायक अभियंता पद से रिटायर हुए थे।
69 वर्षीय आनन्द कुमार सक्सेना को लीवर की बीमारी थी जिसका इलाज चल रहा था। तबियत खराब होने पर वह एक मई की शाम अस्पताल जाने के लिए तैयार हो रहे थे। इसी बीच उनका निधन हो गया।
वह अपने पीछे पत्नी, दो बेटियां और एक बेटे को छोड़ गए हैं। आनन्द सक्सेना गोरखपुर विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के सेवानिवृत्त अध्यक्ष प्रो अशोक सक्सेना के छोटे भाई और क्रिकेट प्रशिक्षक डा. विनय कुमार सक्सेना के बड़े भाई थे।
आनन्द कुमार सक्सेना अस्सी के दशक में उत्तर प्रदेश की रणजी टीम में रिजर्व खिलाड़ी के रूप में चयनित हुए थे। वह बेहतरीन लेग स्पिनर थे।
गोरखपुर में 1982 में आयोजित हुए सिंगल विकेट क्रिकेट टूर्नामेंट, जिसमें पूरी भारतीय क्रिकेट टीम ने हिस्सा लिया था, के आयोजन में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। उस समय के तत्कालीन डीएम वीएम वोहरा भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान सुनील गावस्कर के सहपाठी थे। उनके प्रयास से पूरी भारतीय टीम जिसमें कपिल देव, संदीप पाटिल आदि शामिल थे, इस टूर्नामेंट में भाग लेने गोरखपुर आयी थी। टूर्नामेंट के लिए रीजनल स्टेडियम में पिच का निर्माण मशहूर टेस्ट पिच निर्माता सीताराम ने किया था। आनन्द कुमार सक्सेना ने उनके सहयोगी की भूमिका निभायी थी। पूरे आयोजन में आनन्द सक्सेना महत्वपूर्ण भूमिका में थे।
आनंद सक्सेना ने विश्व विख्यात क्रिकेट खिलाड़ी लाला अमरनाथ की देखरेख में देहरादून में हुए चार सप्ताह के प्रशिक्षण शिविर में भी हिस्सा लिया था। लाला अमरनाथ ने आनंद सक्सेना की प्रतिभा को पहचाना और तराशा भी। उन्हें कई मशहूर क्रिकेट खिलाड़ियों का सानिध्य मिला।
