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दस वर्ष पूर्व कुशीनगर एयरपोर्ट के लिए हुआ था भूमि अधिग्रहण

कुशीनगर. केंद्रीय कैबिनेट से अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की मंजूरी मिलने के बाद कुशीनगर एयरपोर्ट चर्चा में आ गया है। द्वितीय विश्व युद्ध के समय यह एयर फील्ड के रूप में स्थापित हुआ था जिसका विस्तार केंद्र व प्रदेश की सरकार ने संयुक्त रूप से अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा के रूप में किया है।

वर्ष 2010 में मायावती सरकार ने अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण का निर्णय किया और किसानों की भूमि अधिग्रहित किया। वर्ष 2015 में अखिलेश सरकार ने एयरपोर्ट बनाने का किया फैसला और 200 करोड़ की धनराशि निर्गत की। प्रदेश सरकार 3.90 अरब रुपया खर्च कर चुकी है। नागरिक उड्डयन विभाग ने 13 गांवों की 589.35 एकड़ भूमि में भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण को हस्तान्तरित कर दिया है.

एयरपोर्ट केंद्र सरकार की उड़ान – 3 योजना में शामिल है। प्रधिकरण ने रूट व एयरलाइन चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। लखनऊ- कुशीनगर- बोधगया रुट  पर विमानों के संचलन के लिए को टर्बो एविएशन से करार हुआ है। राइट्स इंडिया ने चाहरदीवारी, रन वे, एप्रन, एटीसी बिल्डिंग, लाइटिंग, फायर बिग्रेड बिल्डिंग का निर्माण का कार्य पूर्ण कर दिया है। एयरपोर्ट थाना, बिजली घर, गार्ड रूम, पानी की टंकी, एयरपोर्ट संपर्क मार्ग, ट्रैफिक कंट्रोल, फोरलेन पहुंच मार्ग का कार्य तेजी पर है। यदि सरकार ने पूर्ण तेजी दिखा दी अक्टूबर से शुरू होने वाले नए पर्यटन सीजन में उड़ान शुरू हो सकती है।

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