भाजपा विधायकों व सांसदों के बीच झगड़े की जड़ बने सहायक अभियंता का तबादला आदेश आया

गोरखपुर। भाजपा विधायकों और सांसदों के बीच झगड़े की जड़ बने पीडल्यूडी के सहायक अभियंता केके सिंह को लखनउ मुख्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया है। इस बारे में 28 जनवरी को आदेश जारी हो गया है। सहायक अभियंता को तुरंत कार्यमुक्त होकर प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग, लखनऊ मुख्यालय में योगदान देने का आदेश दिया गया है।

इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय रोड को ऊंची किए जाने से आस-पास की कालोनियों में जलजमाव के मुद्दे को गोरखपुर नगर के भाजपा विधायक डा. राधा मोहन दास अग्रवाल ने विधानसभा में उठाया था। वह इस मामले में उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री केशव प्रसाद मौर्य से भी मिले थे। श्री मौर्य ने मौखिक तौर पर सहायक अभियंता को मुख्यालय से सम्बद्ध करने का आदेश दिया था।

केके सिंह का तबादला तब चर्चा में आ गया जब उनका तबादला रोकने के लिए गोरखपुर के सांसद रवि किशन के अलावा भाजप के तीन विधायकों ने उप मुख्यमंत्री को पत्र लिख दिया। सहजनवा के विधायक शीतल पांडेय का भी केके सिंह के समर्थन में लिखा पत्र मीडिया में जारी हुआ था लेकिन उन्होंने पत्र लिखने से इंकार करते हुए कहा था कि उनके लेटरपेड का दुरूपयोग हुआ है।

यह विवाद बाद में बढता गया और सांसद रवि किशन, कैम्पियरगंज के विधायक फतेहबहादुर सिंह ने नगर विधायक डा. अग्रवाल पर एक-एक कर कई हमले किए और उन्हें इस्तीफा तक देने को कहा। डा. अग्रवाल ने भी इन हमलों का करारा जवाब दिया। पिछले एक सप्ताह से मीडिया और सोशल मीडिया में इस प्रकरण को लेकर खूब बयानबाजी हुई है।

इसी बीच यह भी चर्चा उठ रही थी कि केके सिंह का तबादला का क्या हुआ ? अब उनके तबादले का आदेश आने के बाद इस पर विराम लग गया है।

आज सुबह से ही केके सिंह के तबादले की खबर फैल गयी थी लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही थी। दोपहर तक चीफ इंजीनियर एसपी सिंह का भी यही कहना था कि उन्हें आधिकारिक तौर पर तबादले का आदेश नहीं मिला है। ‘

नगर विधायक डा. अग्रवाल ने सहायक अभियंता के तबादाला आदेश को अपने फेसबुक पोस्ट पर शेयर करते हुए लिखा है-‘ श्री के के सिंह 17 में से 1 सहायक अभियंता, गोरखपुर से ससम्मान विदा हुए। विश्वास दिलाता हूं गोरखपुर का कोई विकास नहीं रुकेगा। हमारे गोरखपुर वासियों, आप सभी को हार्दिक बधाई। यह हमारी निजी लड़ाई नहीं आपकी लड़ाई थी। और आप सभी का जैसा अद्भुत सहयोग प्राप्त हुआ है, यह आपकी और लोकतंत्र की जीत है। ऐसा सर्व-जातीय स्वतरूस्फूर्त सहयोग गोरखपुर में ही सम्भव है। ’

डॉ अग्रवाल ने आज जारी एक बयान में कहा है कि हमें हमेशा ही अपने संगठन की लोकतांत्रिक पद्धति और निष्पक्षता तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की जन-संवेदनशीलता पर विश्वास रहा है। नगर विधायक ने उप-मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री केशव प्रसाद मौर्य को त्वरित और न्याय-संगत कार्यवाही के लिए वसुंधरा कालोनी तथा प्रज्ञा विहार कालोनी के नागरिकों की ओर से विशेष रूप से धन्यवाद देते हुए कहा कि सहायक अभियंता के के सिह के प्रति हमारे मन कोई द्वेष नहीं है लेकिन किसी अभियंता को हमारी विधानसभा में ईमानदारी से काम करना ही होगा।

उन्होंने कहा कि मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी एसपी सिंह ने स्वीकार किया है कि सडक के नीचे से पानी निकलने का रास्ता न होने से पानी लगा और शीघ्र ही सड़क काटकर वसुंधरा कालोनी और प्रज्ञा विहार के बीच में चौड़ा कल्वर्ट बनाया जायेगा, जिससे आगे से नागरिकों को ऐसा नारकीय जीवन न जीना पड़े।

नगर विधायक ने कहा कि हम सभी विधायकों में आपस में बहुत मेलजोल रहा है और हममें से किसी ने भी कभी दूसरे विधायक के कार्यक्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं किया है। हमे विश्वास है कि हम सभी मिलजुलकर आगे भी इस परम्परा को कायम रखेंगे और भाजपा की छवि को उज्जवल करने के लिए काम करेंगे।