कुशीनगर। पूर्व मंत्री व सपा नेता ब्रह्माशंकर त्रिपाठी ने कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही की मौजूदगी में कुशीनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (कसाडा) की हुई बैठक में अफसरों और भाजपा पदाधिकारियों के बीच हुए विवाद को लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण व सरकार के लिए शर्मनाक घटना बतया है।
शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बैठक में कृषि मंत्री की उपस्थिति को लेकर भी सवाल उठाए। श्री त्रिपाठी ने कहा कि कृषि मंत्री न तो जिले के प्रभारी मंत्री हैं और न ही जिले से मंत्री हैं। यदि वह किसी खास मकसद से बैठक में आ ही गए तो उन्हें बाहर बैठे विधायक व पार्टी जिलाध्यक्ष की खोज खबर लेनी चाहिए थी। प्रोटोकाल की बात करने वाले मंत्री को बताना चाहिए कि बैठक में हिन्दू युवा वाहिनी का एक पदाधिकारी कैसे शामिल हुआ ?
पूर्व मंत्री ने कहा कि खुद सरकार ही लोकतंत्र का गला दबाने में लगी है। अधिकारी सरकार का अनुसरण कर रहे हैं। हर जिले के विधायक व भाजपा पदाधिकारी सरकार व अफसरों की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष तो दूर खुद उनके ही संगठन के पदाधिकारियों व विधायकों की कहीं कोई पूछ नही है।मुख्यमंत्री राज्यपाल शासन की तरह राज चला रहे हैं। कुशीनगर के अलावा भी प्रदेश के अन्य जिलों का भी यही हाल है। यह सरकार पूरी तरह विफल है। अनेक जिलों के भाजपा के विधायक व पदाधिकारी भी सार्वजनिक रूप से सरकार पर उंगली उठा रहे हैं। प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। थानों में पीड़ित की कोई सुनवाई नही हैं। हत्या, अपहरण व बलात्कार की बाढ़ आ गई है। विकास कार्य पूरी तरह ठप है। घूसखोरी व भ्र्ष्टाचार चरम पर है। बावजूद इसके सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी जनता के हक हकूक के लिए दम भर लड़ रही है। जनता के सहयोग से इस सरकार को पूरी तरह उखाड़ फेंकने के के लिए सपा दिन रात संघर्ष कर रही है।
