देवरिया। कोरोना जांच रिपोर्ट के लिए अब इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जिले में रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॅालीमर्स चेन रिएक्शन (आरटीपीसीआर) जांच लैब के लिए शासन से अनुमति मिल गई है। जिला अस्पताल के डीआरटीबी सेंटर में 20 लाख रुपये से इसका निर्माण कराया जाएगा।
सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय बताया बाहर दूसरे प्रदेशों से आये लोगों सहित स्थानीय लोंगो की जांच की रिपोर्ट के लिए अभी तक तीन दिन का इंतजार करना पड़ता है। कोरोना जांच के लिए स्वैब लेकर गोरखपुर मेडिकल कालेज भेजा जाता है जिससे स्वास्थ्य विभाग को भी कोरोना मरीजों और संपर्क में आने वाले लोगों की ट्रेसिंग में परेशानी होती है। लेकिन शासन से जिले में जांच लैब के लिए अनुमति मिलने के बाद जिला अस्पताल के डीआरटीबी सेंटर में आरटीपीसीआर लैब स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। सीएमओ ने बताया कि इसके लिए शासन को 20 लाख रूपये का बजट बनाकर भेजा जा चुका है।
सीएमओ ने बताया कि जिले से रोजाना करीब 500 से ज्यादा लोगों का स्वैब लेकर आरटीपीसीआर जांच के लिए गोरखपुर के मेडिकल कालेज लैब भेजा जा रहा है। वहीं 1500 लोगों का रोजाना एंटीजन टेस्ट किया जा रहा है। आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट आने में दो या तीन दिन लग जाते हैं। पर अब जिले में ही आरटीपीसीआर लैब स्थापित होने के बाद आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट एक दिन में आ जाएगी।
सीएमओ डॉ. पांडेय ने बताया आरटीपीसीआर लैब स्थापित होने के बाद एक ही दिन में जांच रिपोर्ट आ जाएगी। इससे , स्वास्थ्य विभाग कोरोना की चेन को जल्द पकड़ लेगा। जांच तेज होने से संक्रमण पर लगाम लगेगी । जल्द जांच रिपोर्ट आने से मरीजों को समय से इलाज मिल सकेगा । एक दिन में 1200 लोगों की जांच रिपोर्ट आ जाएगी।
