नौजवानों को रोज़गार नहीं देने वाली सरकार को बेरोज़गार करने का समय आ गया है : एन साई बालाजी

निचलौल (महराजगंज)। निचलौल के चन्द्रावती मैरेज हाल में आयोजित रोजगार अधिकार सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष एन साई बालाजी ने कहा कि जिस सरकार ने नौजवानों को रोज़गार नहीं दिया, उसे बेरोज़गार करने का समय आ गया। नौजवान नफ़रत की राजनीति के ख़िलाफ़ भी लड़ेगा और देश की सम्पत्ति बेचने के खिलाफ भी लड़ेगा।

उन्होंने कहा कि मोदी और योगी की सरकार लूट और झूठ की सरकार है। यह देश की छह लाख करोड़ की सम्पत्ति बेचने जा रही है। यह निजीकरण नहीं अम्बानी और अडानीकरण है।

उन्होंने कहा कि पीछे डेढ़ वर्षों में चार करोड़ लोगों का रोज़गार ख़त्म हो हुआ है लेकिन सरकार को कोई चिंता नहीं है। योगी सरकार ने पाँच वर्ष में 70 लाख लोगों को रोज़गार देने का वादा किया लेकिन वह खुद चार लाख रोज़गार दे पाने की बात कह रही है। ये चार लाख के आँकड़े भी सही नहीं है। केंद्र सरकार ने हर वर्ष दो करोड़ नौकरी देने की बात कही लेकिन वह सरकारी विभागों में ख़ाली पड़े 25 लाख पदों को भी नहीं भर पाई।

एन साई बालाजी ने कहा कि जब यूपी के नौजवान, महिला, मज़दूर, किसान, दलित अपने अधिकार माँग रहे हैं तो उन पर लाठियाँ बरसाईं जा रही हैं, जेल भेजा जा रहा है , रासुका और देशद्रोह का मुक़दमा लादा जा रहा है। यूपी का चुनाव देश की दिशा तय करने वाला चुनाव है। प्रदेश के नौजवान, किसानों, मज़दूरों, महिलाओं, दलितों के साथ मिलकर इस दमनकारी सरकार को पराजित करेंगे।

इंकलाबी नौजवान सभा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि युवाओं का आक्रोश योगी सरकार को महँगा पड़ने वाला है क्योंकि युवाओं ने तय कर लिया है कि उनका रोज़गार छीनने वाली सरकार को सबक सिखाना है। उन्होंने कहा कि रोजगार की मांग करने वाले नौजवानों पर योगी सरकार द्वारा बरसाई गईं लठियों को हम भूलने वाले नहीं हैं।

जन संस्कृति मंच के महासचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार रोज़गार के मुद्दे पर बुरी तरह विफल साबित हुई है। सरकार की गलत नीतियों के कारण करोना के पहले ही देश की अर्थव्यवस्था चौपट हो गई और बेरोज़गारी दर उच्चतम स्थिति तक पहुँच गई। करोना महामारी की दो लहरों के कारण करोड़ों लोगों को बेरोज़गार होना पड़ा है। सरकार के पास युवाओं को रोज़गार देने की कोई योजना नहीं है और उसने उनके हाल पर छोड़ दिया है। उन्होंने आँकड़ो के ज़रिए बताया कि रोज़गार नहीं मिलने से युवा हताश हैं जिसके कारण उनमें आत्महत्या बढ़ रही है।

आइसा लखनऊ के नेता आयुष ने प्रदेश में रोज़गार की स्थिति को रखते हुए कहा कि योगी सरकार की सभी भर्ती परीक्षाओं में भ्रष्टाचार हुआ है और दलित व ओबीसी आरक्षण की अवहेलना की गई है। इसके ख़िलाफ़ होने वाले युवाओं के आंदोलन का दमन किया हुआ है जिसे युवा भूलने वाले नहीं है और आने वाले चुनाव में इसका करारा जवाब देंगे।

सम्मेलन का आयोजन छात्र युवा रोज़गार मोर्चा ने किया था। सम्मेलन को राजीव सिंह, जनवादी नौजवान संगठन के अमजद शाह ने भी सम्बोधित किया। संचालन इंक़लाबी नौजवान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश गुप्ता ने किया। धन्यवाद ज्ञापन संजय निषाद ने किया।