गोरखपुर। डाॅक्टर-सिपाही प्रकरण में सिपाही को न्याय दिलाने के लिए भाजपा एमएलसी देवेन्द्र प्रताप सिंह 14 अक्टूबर को टाउहाल स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष पूरे दिन उपवास पर बैठे। उनके उपवास के समर्थन में सैकड़ों लोग पहुंचे। सिपाही पंकज कुमार की पत्नी व चार वर्ष का बेटा भी उपपास कार्यक्रम में शामिल हुए।
आज एमएलसी ने एक प्रतिनिधि मंडल के साथ डीएम कृष्णा करूणेश से मुलाकात की और सिपाही की एफआईआर दर्ज कर डाॅक्टर अनुज सरकारी के खिलाफ कार्यवाही की मांग की।
डीएम को दिए गए ज्ञापन में एमएलसी श्री सिंह ने कहा कि तीन अक्टूबर को सिपाही पंकज कुमार ने अल्ट्रासाउंड के लिए 1100 रुपए लिए जाने पर आपत्ति की तो उसे बुरी तरह मारा-पीटा गया। इसकी तहरीर सिपाही पंकज कुमार ने दी लेकिन पुलिस ने उनकी एफआईआर दर्ज नहीं किया। चार अक्टूबर को सिपाही पंकज कुमार जब दवा की पर्ची व आधार कार्ड लेने गए तो उन्हें दोबारा पीटा गया। डाॅक्टर दम्पत्ति भी पिटाई में शामिल थे। इसके बाद पुलिस बुलाकर सिपाही को जेल भिजवा दिया गया लेकिन आज तक सिपाही की और उनकी पत्नी की एफआईआर दर्ज नहीं की गई।

श्री सिंह ने कहा कि सिपाही पंकज कुमार ने डाॅक्टर अनुज सरकारी पर कोई हमला नहीं किया। डाॅक्टर ने अपने आपराधिक कृत्य को छिपाने के लिए पेशबंदी में अपने उपर हमले की मनगढंत कहानी रची।
डीएम को ज्ञापन देने गए एमएलसी देवेन्द्र प्रताप सिंह के साथ राम सिंह, ओम नारायण पांडेय, विश्वजीत त्रिपाठी आदि थे।
डाॅक्टर-सिपाही प्रकरण में भाजपा एमएलसी देवेन्द्र प्रताप सिंह बेहद मुखर हैं और शुरू से सिपाही को न्याय दिलाने के लिए मुहिम चला रहे हैं। इस प्रकरण में सिपाही के समर्थन में आगे आए कई संगठन व विभिन्न समूह उनकी अगुवाई में एकजुट होते जा रहे हैं। इस प्रकरण में भाजपा छोड़ सभी राजनीतिक दलों ने आवाज उठाई है।
एमएलसी ने आठ अक्टूबर को एडीजी और एसएसपी से मुलाकात कर सिपाही के साथ मारपीट करने के आरोप में डाॅ अनुज सरकारी और उनके स्टाफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ़्तारी की मांग की थी। वे जेल जाकर सिपाही पंकज कुमार से मिले भी थे।
