गोरखपुर। डाॅक्टर-सिपाही प्रकरण नया आकार लेता जा रहा है। सिपाही के समर्थन में राजनीतिक नेताओं से लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सामने आ रहे है। इस प्रकरण में डाॅक्टर और उनके स्टाफ के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग करने वाले भाजपा एमएलसी देवेन्द्र प्रताप सिंह ने अब प्रवर्तन निदेशालय का पत्र लिखकर डाॅ अनुज सरकारी और उनके पारिवारिक सदस्यों की चल-अचल सम्पत्ति की जांच कराने के लिए पत्र लिखा है।
प्रवर्तन निदेशालय ईडी के निदेशक को भेजे पत्र में एमएलसी देवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा है कि ‘ डाॅ अनुज सरकारी द्वारा उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के पैडलेगंज में निजी गैस्ट्रो लीवर हॉस्पीटल, का संचालन किया जा रहा है, जहाँ मरीजों से मनमानी परमार्श एवं जॉच फीस ली जा रही है। प्रतिदिन लाखों रूपए की आमदनी होती है। वर्तमान समय में श्री सरकारी एवं उनके पारिवारिक सदस्यों के नाम लगभग 200 करोड़ की अचल सम्पत्तियों हैं। इतनी बडी सम्पत्ति केवल टैक्स चोरी से ही एकत्र करना सम्भव है। गंभीरता से इनकी परिसम्पत्तियों की जाँच की जाए तो बहुत बड़ी काली कमाई उजागर हो सकती है।
एमएलसी देवेन्द प्रताप सिंह ने इसके पहले एक प्रतिनिधिमंडल के साथ आठ अक्टूबर को एडीजी और एसएसपी से मुलाकात कर सिपाही के साथ मारपीट करने के आरोप में डाॅ अनुज सरकारी और उनके स्टाफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफतारी की मांग की थी।
उन्होंने एसएसपी को दिए गए ज्ञापन में लिखा कि ‘ गोरखपुरं महानगर में चिकित्सक द्वारा अपनी पत्नी को दिखाने गये पुलिस कान्स्टेबल पर किया गया जानलेवा हमला मानवता को शर्मशार करता है। सोशल मीडिया के साथ-साथ प्रिन्ट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया द्वारा इस अमानवीय घटना की जो पृष्ठभूमि बतायी जा रही है, वह अत्यन्त मर्माहत करने वाली है।
एमएलसी ने कहा कि चिकित्सक जैसे महनीय पेशे से जुड़े लोगों का इस तरह का अमर्यादित निन्दनीय और गुण्डों जैसा आचरण किसी भी परिस्थिति में क्षम्य नहीं है। एक ओर डॉक्टर और उसके गुण्डों ने एकराय होकर पुलिस कान्स्टेबल को जमकर पीटा और जान मारने की कोशिश की। दूसरी तरफ उसने अपने रसूख का इस्तेमाल कर बुरी तरह से चोटिल कान्स्टेबल को मीडिया व प्रशासन पर बेजा दबाव बनाकर जेल भेजवा दिया।
श्री सिंह ने कहा कि इस तरह के गम्भीर अपराध पर मौन साधना सर्वथा अनुचित है। आरोपी डॉक्टर और उसके गुण्डों पर भारतीय दण्ड विधान की समुचित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर उन्हें जेल भेजे, ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनर्रावृत्ति न हो।
एसएसपी से मिलने गए भाजपा एमएलसी के साथ राधेश्याम सिंह, राम सिंह, ओम नारायण पांडेय, राधेश्याम सेहरा, श्यामजी त्रिपाठी, पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी, आलोक शुक्ल, कैलाश राजभर, राजेन्द्र दास आदि थे।
एमएलसी ने एक दिन पहले जेल जाकर सिपाही पंकज कुमार से मुलाकात भी की थी।
