गोरखपुर। भाजपा एमएलसी देवेन्द्र प्रताप सिंह ने पीसीएस और आरओ/एआरओ परीक्षा को एक दिन और एक पाली में कराने तथा स्केलिंग पद्धति को हटाने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने कहा है कि कई पालियो में परीक्षा कराने के निर्णय से लाखों अभ्यर्थियों में रोष और गुस्सा है जिसका सुखद नहीं होगा।
सीएम को नौ अक्टूबर को लिखे पत्र में एमएलसी देवेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा है कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा जो विज्ञापन दिया गया था उसमें उक्त परीक्षाओं को एक दिवस और एक पाली में सम्पन्न कराने का उल्लेख किया गया था किन्तु आयोग ने पुनः 05 नवम्बर 2024 को नई विज्ञप्ति जारी कर उक्त परीक्षाओं को कई पालियों में सम्पन्न कराने की सूचना दी है। सर्वोच्च न्यायालय ने अपन हाल ही में दिये गये फैसले में यह निर्णय दिया है कि चयन व भर्ती प्रक्रिया के नियम बीच में बदले नहीं जा सकतें। दो दिवसीय परीक्षा सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का खुला उल्लंघन होगा। इस बात की बहुत अधिक सम्भावना है कि आयोग के इस फैसले से आक्रोशित छात्र यदि न्यायालय की शरण में गये तो भर्ती प्रक्रिया लटक जायेगी जिससे् पीसीएस परीक्षा के 5,74,000 (पांच लाख चैहत्तर हजार) तथा आरओ/ एआरओ के लगभग 11,00,000 (ग्यारह लाख अभ्यर्थी) में रोष एवं गुस्सा बढ़ जायेगा, इतनी बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली अभ्यर्थीयों के गुस्से का परिणाम सुखद नह होगा।

उन्होंने कहा कि पूर्व में लोक सेवा आयोग द्वारा वर्ष 2023 में पीसीएस की परीक्षा 51 जिलों में (लगभग 06 लाख अभ्यर्थी) तथ आरओ ए०आर०ओ० की परीक्षा माह-फरवरी में 54 जिलों में (लगभग 11 लाख अभ्यर्थी) के साथ एक दिवस-एक पाली में सम्पन्न करायी जा चुकी है।
इसके पूर्व में आयोग ने पीसीएस मुख्य परीक्षा में स्केलिंग पद्धति लागू किया था जो पारदर्शी न होने के कारण आयोग ने स्वयं इस व्यवस्था को निरस्त कर दिया था। स्केलिंग भर्ती प्रक्रिया में घपले व घोटाले की सबसे बडी जड है जिसे पुनः लागू करने से पारदर्शिता समाप्त हो जायेगी तथा स्केलिंग घपले व घोटाले का हथियार बन जायेगा।
श्री सिंह ने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित एसओपी में कलेक्ट्रेट कार्यालय से 10 कि०मी० के अन्दर परीक्षा केन्द्र बनाये जाने का निर्णय लिया गया है जिस कारण से आयोग को पर्याप्त परीक्षा केन्द्र नहीं मिल पा रहा है। शासन अपने एसओपी में बदलाव करके सभी जिलों में परीक्षा केन्द्र बनाये जिससे उक्त परीक्षाऐं एक दिवस एक पाली में सम्पन्न हो सके।
उन्होंने कहा कि आयोग के इस मनमानी पूर्ण फैसले के विरोध में चार लाख प्रतियोगी अभ्यर्थीयों ने चार नवम्बर को एक्स पर ट्वीट किया गया है।
