गोरखपुर। विरासत गलियारे के निर्माण से प्रभावित व्यापारियों से मिलने जा रहे विधानसभा में नेता विरोधी दल माता प्रसाद पाण्डेय , विधान परिषद में प्रतिपक्ष के नेता लाल बिहारी यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल के साथ पांडेयहाता के पास भीड़ ने धक्का मुक्की की, काले झंडे दिखाए और नारेबाजी की। सपा नेताओं के गाड़ियों के आगे बुलडोजर खड़ा कर दिया गया। सपा नेताओं का आरोप है कि भाजपा नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय की गाड़ी पर अंडे और पत्थर फेंके। पथराव से दो गाड़ियों के शीशे टूट गए।
इस घटना के विरोध में सपा नेताओं ने आधे घंटे तक धरना दिया। बाद में पुलिस सपा नेताओं को निर्धारित मार्ग से ले गयी।
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने कहा कि भाजपा का रवैया लोकतंत्र विरोधी और जनविरोधी है। समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमण्डल को भाजपा के लोगों ने रोका, दुर्व्यवहार किया और धक्कामुक्की की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार गोरखपुर का विरासत गलियारा के नाम पर धर्मशाला बाजार से घंटाघर होते हुए पाण्डेय हाता, नार्मल पुलिस चैकी तक विस्तारीकरण के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न कर रही है। शासन के इशारे पर लोकनिर्माण विभाग द्वारा सैकड़ों व्यापारियों की दुकानों और मकानों को तोड़ा जा रहा है। उन्हें बाजार भाव के अनुसार मुआवजा नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल आज पीड़ित व्यापारियों से मिलने जा रहा था। सपा नेता नार्मल से पांडेयहाता होते हुए धर्मशाला के लिए निकले। भाजपा के लोगों ने लोकतंत्र विरोधी रवैया दिखाते हुए न्याय की आवाज दबाने के लिए प्रतिनिधिमंडल को रोका। भाजपा सच्चाई छिपाना चाहती है। भाजपा सरकार में अघोषित आपातकाल है। लोकतंत्र की हत्या हो रही है। किसी को न्याय नहीं मिल रहा है। उन्होंने मांग किया कि व्यापारियों का उत्पीड़न रोका जाए। उन्हें बाजार भाव के अनुसार मुआवजा दिया जाए।

प्रतिनिधिमंडल में नेता प्रतिपक्ष विधान परिषद लाल बिहारी यादव, वरिष्ठ नेता ज़फ़र अमीन डक्कु, सपा जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम, महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी, पूर्व विधायक विजय बहादुर यादव, विनय शंकर तिवारी सहित कई नेता शामिल थे।
सपा के रराष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पर इस घटना के बारे में लिखा कि ” गोरखपुर के दौरे के दौरान, उप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष व वरिष्ठ समाजवादी नेता श्री माता प्रसाद पांडेय जी एवं श्री लाल बिहारी यादव जी पर असामाजिक तत्वों का हमला घोर निंदनीय है। यदि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों के जन संपर्क एवं जन समस्याओं की सुनवाई पर सत्ता संरक्षित अराजकतत्वों तत्वों द्वारा प्राणघातक प्रहार होगा तो ये अराजकता का राज ही कहलाएगा। आरोपियों के विरुद्ध पक्षपातहीन कठोर दंडात्मक कार्रवाई हो। अन्यथा ये माना जाएगा कि ये ‘ हाता नहीं भाता ’ और ‘ पीडीए नहीं लुभाता ’ का एक ऐसा प्रकरण है जिसके पीछे सोची-समझी साजिश रची गयी थी। “
दूसरी ओर भाजपा नेताओं ने सपा नेताओं के दौरे को राजनीति से प्रेरित बताया। भाजपा नेताओं ने कहा कि सपा नेता माहौल बिगाड़ने आए थे।
