देवरिया। मानव अधिकार कार्यकर्ता और कानून पीड़ित न्याय मंच के संस्थापक शमीम इकबाल का मंगलवार को लखनऊ में निधन हो गया। वह कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। पिछले सप्ताह तबियत खराब होने पर उन्हें इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया था।
आज दोपहर डेढ़ बजे सिंधी मिल इलाही टोला से उनका जनाजा निकलेगा और हेड पोस्ट ऑफिस के पास स्थित कब्रिस्तान में उनको सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा
देवरिया के सिंधी मिल कालोनी के इलाही टोला निवासी शमीम इकबाल मूल रूप से मऊ जिले के निवासी थे। उनका परिवार देवरिया ही रहता था। उन्होंने पूरा जीवन जन साधारण के अधिकारों की लड़ाई में दिया। सूचना का अधिकार अधिनियम का प्रयोग कर उन्होंने सैकड़ों लोगों की मदद की। विदेश में धोखे व ठगी के शिकार कामगारों को देश लाने, फाइनेंस कंपनियों में जमा पैसा दिलाने के लिए वे लगातार काम करते रहे। फर्जी फाइनेंस कंपनियों की संपत्ति को जब्त कराने, फर्जी मुकदमें में फंसे लोगों को राहत दिलाने का काम जीवन के आखिरी वक्त तक करते रहे।
वे उत्पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने के लिए संबंधित विभागों को पत्र लिखते, सूचना अधिकार कानून की मदद से जरूरी दस्तावेज निकालते, मानव अधिकार आयोग व अन्य संवैधानिक संस्थाओं में शिकायत/ केस दर्ज कराते। जरूरत पड़ने पर न्यायालयों में मुकदमा देर करते।
डेढ़ दशक पहले उन्होंने कानून पीड़ित न्याय मंच की स्थापना की। लोगों को न्याय दिलाने में अधिवक्ता एवं कानून पीड़ित न्याय मंच के सचिव अविनाश कुमार सिंह उनकी मदद करते थे।
दो माह पहले बीमार पड़ने पर शमीम इकबाल इलाज कराने अपने भाई के पास लखनऊ गये। वहां से वह इसी महीने वापस आये थे। पिछले सप्ताह तबियत खराब होने पर फिर से लखनऊ इलाज कराने गये जहां मंगलवार की दोपहर उनका निधन हो गया।
