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पदयात्रा और सभा कर यूजीसी नियमों का समर्थन किया

गोरखपुर। यूजीसी रेगुलेशन 2026 के समर्थन में छात्रों ने 30 जनवरी को गोरखपुर विश्वविद्यालय के परिसर में पदयात्रा निकाला और कहा कि यह एक्ट लागू नहीं किया गया तो देश में बड़ा आंदोलन खड़ा हो जाएगा।

पदयात्रा के बाद  मुख्य पार्क में हुई सभा को संबोधित करते हुए छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष अमन यादव ने कहा कि यूजीसी नियमों को अक्षरशः लागू करने की जरूरत है क्योंकि यह एक्ट ओबीसी, एससी, एसटी के साथ-साथ महिलाओं, विकलांगों एवं वंचितों के अधिकारों की रक्षा करता है। इसके बारे में समाज में कुछ लोगों द्वारा भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं कि यह एक्ट सवर्ण समुदाय के साथ भेदभाव करता है। यह सरासर निराधार बात है। यह एक्ट जातीय भेदभाव को खत्म करने के लिए लाया गया है। सभी छात्र-छात्राओं को इस बिल का समर्थन करना चाहिए।

छात्र नेता भास्कर चौधरी ने कहा कि यूजीसी के नए नियम भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली में समानता और समावेशिता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम हैं। यह कानून कैंपस में किसी भी प्रकार के जातिगत भेदभाव को जड़ से खत्म करने और वंचित वर्ग के छात्रों को सुरक्षित एवं गरिमामय शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने के लिए आवश्यक है। कुछ लोग इस सुधार को लेकर भ्रम फैला रहे हैं, लेकिन हकीकत में यह नियम केवल और केवल योग्यता और न्याय पर आधारित शैक्षणिक व्यवस्था का समर्थन करता है। हम इसका पुरजोर समर्थन करते हैं क्योंकि शैक्षिक परिसरों में हर छात्र-छात्रा  को बराबरी का हक मिलना चाहिए। इसे एक्ट को लागू नहीं किया गया तो आगामी दिनों में भी हम इसके लिए आंदोलन करने को बाध्य होंगे ।

वरिष्ठ छात्र नेता संजय यादव ने कहा कि यूजीसी के ये नए नियम कैंपस में सामाजिक न्याय और समानता की नींव रखेंगे। यह कदम किसी के अधिकार छीनने के लिए नहीं, बल्कि हर छात्र को बिना किसी भेदभाव के आगे बढ़ने का समान अवसर देने के लिए है। हम इसका पूर्ण समर्थन करते हैं क्योंकि एक शिक्षित समाज वही है जहाँ छात्र की पहचान उसकी जाति से नहीं, बल्कि उसकी योग्यता से हो।”

इस मौके पर अमर पासवान, दीपक कुमार, अनूप यादव ईश्वर, ऋषि यादव, सतीश चंद सिंघम, गौरव वर्मा, सतीश प्रजापति, सुधीराम रावत , मंजेश कुमार, आर्य यादव, अंकित कुमार, आकाश पासवान, अनूप कुमार, निक्कू पासवान, संतोष यादव, आशीष विद्यासागर, चंदन यादव, सत्यवान यादव आदि मौजूद रहे।

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