साहित्य - संस्कृति

लोकरंग -2026 : त्रिपुरा, बुंदेलखंड, छत्तीसगढ़, चम्पारण और बनारस के सांस्कृतिक दल आएंगे

कुशीनगर। लोकरंग सांस्कृतिक समिति, जोगिया जनूबी पट्टी, फाजिलनगर (कुशीनगर) द्वारा 19 वर्ष से निरंतर आयोजित हो रहा  लोकरंग कार्यक्रम इस वर्ष 11 एवं 12 अप्रैल 2026 को आयोजित होगा। इस वर्ष के लोकरंग आयोजन में त्रिपुरा, बुंदेलखंड, छत्तीसगढ़, चम्पारण और बनारस की लोक-सांस्कृतिक टीमें भाग ले रही हैं।

लोकरंग सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष कथाकार-इतिहासकार सुभाष चंद्र कुशवाहा ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ लोकरंग पत्रिका के लोकार्पण से होगा। परंपरा के अनुसार गांव की महिलाएं लोकगीतों के माध्यम से आयोजन की शुरुआत करेंगी। इसके पश्चात बनारस के दुर्गेश उपाध्याय द्वारा भोजपुरी गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी। बुंदेली सम्राट लोक कला संस्थान, विरधा (ललितपुर) द्वारा बुंदेली गायन, राई एवं सैरा नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। खुम्पुई कल्चरल अकादमी, पंचाली डेब्बार्मा, नार्थ बानामालीपुर, अगरतला (त्रिपुरा) द्वारा होजागिरी (रियांग जनजाति) तथा लेबांग बूमानी (त्रिपुरी जनजाति) नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे।

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ की टीम द्वारा सुआ, करमा, ददरिया, पंथी एवं राउत नाचा की प्रस्तुतियां होंगी। थारू रिद्म कला प्रशिक्षण संस्थान, हारनाटांड़, पश्चिमी चम्पारण द्वारा झमटा, झरका एवं जंतसारी लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी जाएगी।

पहली रात कहानीबाज थिएटर सोसायटी, गेजामुड़ा (रायगढ़) द्वारा नाटक ‘उल्लू पंचायत’ का मंचन किया जाएगा, जो पंचतंत्र की कथा हंस और हंसिनी पर आधारित है। इस नाटक के निर्देशक मोहन सागर हैं तथा नाट्य रूपांतरण विवेक कुमार तिवारी एवं मोहन सागर द्वारा किया गया है।

दूसरी रात प्रेरणा कला समूह, बनारस द्वारा नाटक ‘अमानत’ का मंचन किया जाएगा, जिसके निर्देशक प्रवीण जोशी हैं।

इस वर्ष की विचार गोष्ठी का विषय है “ लोकसंस्कृति के नायक बनाम वंचितों की संघर्ष गाथा ” है। विचार गोष्ठी में प्रो. सुभाष चंद्र सैनी (विभागाध्यक्ष, हिंदी विभाग, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय; संपादक— देश हरियाणा), प्रो. दिनेश कुशवाह (वरिष्ठ कवि, रीवा), रमेश भंगी (वरिष्ठ साहित्यकार एवं सामाजिक चिंतक, दिल्ली), प्रो. अनिल सिंह (प्रोफेसर, अयोध्या), के.पी. सिंह (पूर्व संपादक, जन मोर्चा, फैजाबाद), दयाशंकर राय (पूर्व संपादक, राष्ट्रीय सहारा, लखनऊ), डॉ. योगेन्द्र चौबे (छत्तीसगढ़; सदस्य— एडवाइजरी कमेटी, रंगमंच, संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली), डॉ. रामनरेश राम (सहायक प्रोफेसर, गोरखपुर विश्वविद्यालय), डॉ. रामायन राम (सहायक प्रोफेसर, हापुड़), सरिता भारत (कवयित्री/सामाजिक कार्यकर्ता), मनोज कुमार सिंह (वरिष्ठ पत्रकार, गोरखपुर) सहित अनेक साहित्यकार एवं रंगकर्मी भाग लेंगे।

प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी कविता पोस्टर, मंच सज्जा एवं भित्ति चित्रों की जिम्मेदारी संभावना कला मंच, गाजीपुर द्वारा निभाई जाएगी। इस वर्ष के संपूर्ण आयोजन को लोकरंग संस्कृति के मर्मज्ञ, लोकरंग सनेही तैयब हुसैन की स्मृति को समर्पित है। कार्यक्रम का संचालन प्रो.दिनेश कुशवाह द्वारा किया जाएगा।

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