गोरखपुर। सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा में 27 अप्रैल को ‘बुजुर्गों के अकीदे’ किताब पर ओपन बुक कॉम्पिटिशन का आयोजन हुआ। जिसमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
मस्जिद के इमाम हाफिज रहमत अली निजामी ने कॉम्पिटिशन के बारे में बताते हुए कहा कि ओपन बुक कॉम्पिटिशन का मकसद लोगों का किताबों से रिश्ता मजबूत करना है। ओपन बुक परीक्षा एक ऐसी प्रणाली है जो छात्रों को रट्टू तोता बनने के बजाय, समझदार और ज्ञान का सही उपयोग करने वाला बनाती है। यह न केवल शैक्षणिक बल्कि व्यावसायिक जीवन के लिए भी उपयोगी कौशल विकसित करती है।
उन्होंने बताया कि किताबों से दोस्ती ज्ञान, सुकून और सफलता का सबसे सुलभ मार्ग है, जो एकांत में सच्चा साथी बनकर सोचने की क्षमता और शब्दावली को समृद्ध करती है। यह सृजन की दुनिया से जोड़कर समाज को बेहतर ढंग से समझने में मदद करती है, जिससे मानसिक तनाव कम होता है और व्यक्तित्व का विकास होता है। किताबें सफलता प्राप्त करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और सही मार्गदर्शक की तरह काम करती हैं। किताबें हमें इतिहास, विज्ञान और दुनिया के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देती हैं और जीवन में सही दिशा दिखाती हैं। पढ़ने से हमारी सोचने की क्षमता और कल्पना शक्ति बढ़ती है, जिससे हम नए विचारों के साथ प्रयोग कर सकते हैं। हर दिन थोड़ा समय पढ़ने के लिए तय करें, ताकि किताबों से रिश्ता गहरा हो सके। कॉम्पिटिशन में कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी, आसिफ महमूद, मुजफ्फर हसनैन रूमी, नेहाल अहमद ने महती भूमिका निभाई।
अकबरी जामा मस्जिद के बाहर अहमदनगर चक्शा हुसैन में दीनी सवाल ओ जवाब की महफिल हुई। शहर काजी मुफ्ती मुहम्मद अजहर शम्सी ने अवाम के सवालों का जवाब शरीअत की रौशनी में दिया। इस दौरान सैफ, तालिब, आरिफ, कासिद इस्माईली, फैजान, महफूज, असजिद, उवैस सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
