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शिक्षक नियुक्तियों एवं प्रोन्नति को मंजूरी, 91 महाविद्यालयों में  200 पाठ्यक्रमों की स्वीकृति 

गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में कार्य परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में नए शिक्षकों की नियुक्तियों और प्रोन्नति को स्वीकृति प्रदान की गई। साथ ही बैठक में कुलपति चयन के लिए राजभवन की ओर से गठित की जाने वाली सर्च कमेटी के एक सदस्य के रूप में प्रसिद्ध वनस्पति विज्ञानी प्रो. जी. डी. शर्मा के नाम को मंजूरी दी गई।

बैठक में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में विश्वविद्यालय से सम्बद्ध 91 महाविद्यालयों में लगभग 200 पाठ्यक्रमों को संचालित करने की स्वीकृति प्रदान की गई।

कार्य परिषद ने अंग्रेजी विभाग में आचार्य पद पर अजय चौबे, बायोटेक्नोलॉजी विभाग में सहयुक्त आचार्य पद पर डॉ. निर्मल प्रभाकर, वनस्पति विज्ञान विभाग में सहयुक्त आचार्य पद पर डॉ. शम्भू कुमार तथा सहायक आचार्य पद पर आनंद कुमार के चयन को मंजूरी दी। साथ ही होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी में आशीष रंजन को सहायक आचार्य (कांट्रैक्चुअल) के रूप में नियुक्ति को स्वीकृति दी गई। इसके अतिरिक्त, कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) के अंतर्गत विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के डॉ. रामवंत गुप्ता तथा अंग्रेजी विभाग के डॉ. आमोद रॉय को सहयुक्त आचार्य से आचार्य पद पर प्रोन्नति दिए जाने को स्वीकृति प्रदान की गई।

कार्य परिषद ने कुलपति चयन के लिए राजभवन की ओर से गठित की जाने वाली सर्च कमेटी के एक सदस्य के रूप में प्रसिद्ध वनस्पति विज्ञानी एवं एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के पूर्व अध्यक्ष प्रो. जी. डी. शर्मा के नाम को भी अनुमोदन प्रदान किया।

प्रो. जी. डी. शर्मा देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविद एवं अनुभवी अकादमिक प्रशासक हैं। लगभग 45 वर्षों के अपने शैक्षणिक करियर में उन्होंने असम विश्वविद्यालय, नागालैंड विश्वविद्यालय तथा विलासपुर विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों में कुलपति, प्रति-कुलपति, अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वर्तमान में वे यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी मेघालय के कुलपति के रूप में कार्यरत हैं। प्रो शर्मा ने उत्तर-पूर्वी राज्यों में उच्च शिक्षा के विकास, अनुसंधान को बढ़ावा देने तथा जनजातीय समाज के मानव संसाधन विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

प्रो शर्मा को बोटैनिकल सोसायटी का बिरबल साहनी पुरस्कार तथा यूनेस्को से संबद्ध संस्थाओं द्वारा सम्मान सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।

कार्य परिषद् की बैठक में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में विश्वविद्यालय से सम्बद्ध 91 महाविद्यालयों में लगभग 200 पाठ्यक्रमों को संचालित करने की स्वीकृति प्रदान की गई।

कार्य परिषद् द्वारा गोरखपुर, देवरिया एवं कुशीनगर जनपद में स्थित विभिन्न सम्बद्ध महाविद्यालयों के कला, विज्ञान, विधि एवं वाणिज्य संकायों में स्नातक और परास्नातक स्तर पर पाठ्यक्रमों के संचालन की अनुमति दी गई है। इसके अंतर्गत 45 महाविद्यालयों में 82 पाठ्यक्रमों के लिए स्थायी सम्बद्धता तथा 46 महाविद्यालयों में 115 पाठ्यक्रमों के लिए अस्थायी सम्बद्धता दी गई है। महात्मा गांधी पी जी कॉलेज को बीबीए तथा एम. कॉम., इस्लामिया कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स को बीबीए तथा एम. एससी., ज्ञानभारती लॉ कॉलेज को बीए-एलएलबी तथा एलएलबी, अखिल भाग्य महाविद्यालय को एमएससी बॉटनी व जूलॉजी, फूला देवी मेमोरियल लॉ कॉलेज को एलएलबी सहित दो दर्जन महाविद्यालयों को बीबीए, बीसीए और बी. कॉम, एम. कॉम जैसे नवीन एवं रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों की संस्तुति प्रदान की गई है। ये पाठ्यक्रम विशेष रूप से व्यावसायिक दक्षता, शोध अभिरुचि एवं उद्योगोन्मुखी शिक्षा को बढ़ावा देंगे।

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