समाचार

श्रद्धांजलि सभा में वरिष्ठ पत्रकार अमरनाथ झा को कोशी के लोगों ने याद किया

सुपौल (बिहार)। वरिष्ठ पत्रकार, नदी, पानी और पर्यावरण को समर्पित, कोशी के हितैषी अमरनाथ झा के निधन पर कोशी नव निर्माण मंच द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन सुपौल के गजना चौक के समीप कोशी यूथ लाइब्रेरी में किया गया। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।

वक्ताओं ने उनके व्यतित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अमरनाथ झा ‘जनसत्ता’ सहित अनेक मीडिया संस्थानों के वरिष्ठ पत्रकार रहे/ वे नदी, पानी एवं पर्यावरण को समर्पित और कोशी पीड़ितों के संघर्षों के हितैषी थे। कोशी यूथ लाइब्रेरी को समृद्ध बनाने में उन्होंने योगदान दिया।

अचानक ब्रेन हैमरेज होने के कारण, चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और मात्र 63 वर्ष की आयु में 17 जून को हमलोगों के बीच नहीं रहे। उनके अधूरे कार्यों को पूरा करना ही उनकी सच्ची श्रद्धांजलि है।

वक्ताओं ने कोशी नव निर्माण मंच के अनेक कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी को स्मरण करते हुए कहा कि जब तटबंध के भीतर जमीन सर्वे में नदी के नाम खाता खोलने का प्रावधान आया, तो उन्होंने उस विषय पर आयोजित जन-सुनवाई के पैनल की अगुवाई की। उन्होंने एक बेहतरीन रिपोर्ट तैयार की थी, जिसके आधार पर ही ऐतिहासिक महापंचायत आयोजित हुआ।

अमरनाथ झा  इन दिनों ‘बिहार बाढ़ सम्मेलन’ की अंग्रेजी रिपोर्ट का हिंदी अनुवाद करने के कार्य में लगे थे और इसे वर्तमान संदर्भों में कैसे समझा जाए, इस पर लिख रहे थे। उन्होंने ‘लौटा दो हमारी कमला’ नामक पुस्तक को तैयार करने में भी अपना अमूल्य योगदान दिया था। उन्होंने अंग्रेजी की अनेक पुस्तकों का हिंदी में अत्यंत सहज अनुवाद किया। वरिष्‍ठ पत्रकार, राजनीतिक विश्‍लेषक और मानवाधिकार कार्यकर्ता कुलदीप नैयर की पुस्तकों, लेखों का भी उन्होंने अनुवाद किया। नदी, पानी और पर्यावरण के सवालों पर ‘जनसत्ता’ से लेकर देश के विभिन्न समाचार पत्रों में उन्होंने काफी लेखन किया।  कोशी, नदी, पर्यावरण और समाज के हित में जहाँ भी कोई आयोजन होता था, वे वहाँ अत्यंत शांत, सहज और गंभीर भाव से उपस्थित रहते थे। उनका इस तरह चले जाना ‘कोशी नव निर्माण मंच’ के लिए एक अभिभावक को खो देने के समान है. उनकी यह कमी कभी पूरी नहीं की जा सकती.

श्रद्धांजलि सभा उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और अंत में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

श्रद्धांजलि सभा में युवा रूपेश ने प्रेरणा लेते हुए कहा कि “मिटाकर जान खुद किसी की जान हो जाना,
तुम्हारे नाम का मतलब हो हिंदुस्तान हो जाना। वहीं छात्रा गौरी ने संकल्प लेते हुए कहा कि आए हैं संसार में तो कुछ करके ही जाएंगे, सभी अपने लिए करते है, हम गैरों के लिए फर्ज निभाएंगे।

श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता कोशी नव निर्माण मंच के परिषदीय अध्यक्ष इंद्र नारायण सिंह ने की। शिक्षक अजय कुमार, धर्मेन्द्र, धर्मवीर पांडेय, आनंद, क्रान्ति, रोहित, आरफा, केशव, नीतू , सुशील, अर्चना सिंह, अजीम जी प्रेम जी यूनिवर्सिटी के छात्र अमित सहित अनेक लोगों ने बातें रखीं। संचालन महेन्द्र यादव ने किया।

Related posts