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सीएम को ज्ञापन भेजकर पूर्वांचल विकास मंत्रालय एवं गोरखपुर में हाईकोर्ट की स्थायी पीठ की मांग

गोरखपुर। वन भारत सिटीजन पार्टी (ओबीसी पार्टी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष काली शंकर यदुवंशी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक विस्तृत ज्ञापन एवं नीति प्रस्ताव प्रेषित कर पूर्वांचल विकास मंत्रालय के गठन तथा गोरखपुर में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की स्थायी पीठ स्थापित किए जाने की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश का पूर्वी क्षेत्र (पूर्वांचल) ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, कृषि एवं मानव संसाधनों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होने के बावजूद आज भी रोजगार, औद्योगिक विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रशासनिक समन्वय तथा न्याय तक सहज पहुँच जैसी अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसी स्थिति में पूर्वांचल के लिए एक विशेष एवं दीर्घकालिक विकास मॉडल की आवश्यकता है।

काली शंकर यदुवंशी ने कहा कि पूर्वांचल के समग्र एवं संतुलित विकास के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के अंतर्गत पूर्वांचल विकास मंत्रालय का गठन किया जाए तथा इसके लिए एक पूर्णकालिक कैबिनेट मंत्री नियुक्त किया जाए। यह मंत्रालय पूर्वांचल से संबंधित सभी विकास योजनाओं का समन्वय, निगरानी, समयबद्ध क्रियान्वयन तथा वार्षिक समीक्षा सुनिश्चित करे।

उन्होंने यह भी मांग की कि पूर्वांचल विकास परिषद का गठन किया जाए, जिसमें जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, उद्योग विशेषज्ञों, अर्थशास्त्रियों, कृषि वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों एवं सामाजिक प्रतिनिधियों को शामिल कर क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक विकास नीति तैयार की जाए।

ज्ञापन में गोरखपुर में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की स्थायी पीठ स्थापित करने की मांग करते हुए कहा गया है कि पूर्वांचल के करोड़ों नागरिकों को उच्च न्यायालय से संबंधित मामलों के लिए प्रयागराज तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों का अत्यधिक व्यय होता है। गोरखपुर में स्थायी पीठ की स्थापना से न्याय तक पहुँच अधिक सरल, किफायती एवं समयबद्ध हो सकेगी।

वन भारत सिटीजन पार्टी ने ज्ञापन के माध्यम से गोरखपुर में क्षेत्रीय सचिवालय की स्थापना, पूर्वांचल विशेष विकास कोष के गठन तथा प्रत्येक वर्ष पूर्वांचल के लिए पृथक विकास बजट निर्धारित किए जाने की भी मांग की है। इसके साथ ही उद्योग, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, कौशल विकास, डिजिटल अवसंरचना एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 10 वर्षीय “पूर्वांचल विकास मिशन–2035” लागू करने का भी प्रस्ताव दिया गया है।

काली शंकर यदुवंशी ने कहा कि यह ज्ञापन किसी क्षेत्रीय विवाद या विभाजन की राजनीति के लिए नहीं, बल्कि पूर्वांचल के करोड़ों नागरिकों को बेहतर विकास, प्रभावी प्रशासन, अधिक रोजगार के अवसर तथा सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि इन प्रस्तावों को लागू किया जाता है, तो पूर्वांचल उत्तर प्रदेश के संतुलित विकास का नया मॉडल बन सकता है।

उन्होंने बताया कि इस ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन, प्रमुख सचिव (न्याय), प्रमुख सचिव (नियोजन), प्रमुख सचिव (वित्त), केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश, रजिस्ट्रार जनरल, मंडलायुक्त गोरखपुर तथा जिलाधिकारी गोरखपुर सहित संबंधित अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है।

वन भारत सिटीजन पार्टी ने राज्य सरकार से जनहित में इस नीति प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करते हुए आवश्यक प्रशासनिक एवं नीतिगत कार्रवाई प्रारंभ करने का अनुरोध किया है।

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