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“  छात्र-युवा आंदोलन बड़े सामाजिक और राजनैतिक बदलाव का वाहक बनेगा  ”

आइसा गोरखपुर की 21 सदस्यों की संयोजन समिति का गठन; कॉमरेड विवेक को संयोजक चुना गया।

जनसंवाद में  शिक्षा-परीक्षा और रोजगार के लिए एकजुट होने का संकल्प लिया गया

गोरखपुर: गोरखपुर में शिक्षा परीक्षा पर बढ़ते संकट और जंतर मंतर आंदोलन पर जनसंवाद आयोजित किया गया। इसी दौरान आइसा सदस्यों की बैठक कर आइसा संगठन को मजबूती देने और आगामी गतिविधियों के सुचारू संचालन के लिए आज गोरखपुर में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा ) की गोरखपुर संयोजन समिति’ का आधिकारिक तौर पर गठन किया गया। यह गठन उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष मनीष कुमार की उपस्थिति में संपन्न हुआ। बैठक में अध्यक्ष मनीष कुमार और सदस्यों की सहमति से विवेक को समिति का संयोजक चुना गया। इसके साथ ही, समिति के कार्यों को गति देने के लिए तीन सह-संयोजकों का चुनाव किया गया जिनमें सोनू यादव,शिवानी, राजवीर शामिल हैं।

शिक्षा परीक्षा पर आयोजित जनसंवाद पर आइसा प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार ने नवनियुक्त टीम को बधाई दी और जेन जी राइजिंग (Jan-Z Rising) आंदोलन को धार देने का आह्वान किया। अपने संबोधन में प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा,”हमें जेन जी राइजिंग के आंदोलन को मजबूती से आगे बढ़ाने के लिए जगह-जगह आइसा को स्थापित करना होगा। हमारा मुख्य लक्ष्य जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करके एक बहुत बड़े आंदोलन को खड़ा करना है, ताकि जनता के हक की लड़ाई को प्रभावी ढंग से लड़ा और जीता जा सके।”

इतिहासकार और कवि सुनीता अबाबील ने जन संवाद में बोलते हुए कहा कि जंतर मंतर का आंदोलन कोई अचानक हुई घटना नहीं है बल्कि राज्य द्बारा लगातार जन विरोधी नीतियों के खिलाफ पल रहे गुस्से और घुटन का परिणाम था। जिसे जेन जी पीढ़ी ने नेतृत्व दिया। यह आंदोलन सामाजिक परिवर्तन के महाभियान का हिस्सा है इसीलिए इसकी गूंज लंबे समय तक बनी रहेगी।

जन संस्कृति मंच के महासचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि छात्र-युवा आंदोलन ने न केवल एक नई उम्मीद पैदा की है बल्कि जनमानस को गहरे तक प्रभावित किया। इस आंदोलन ने शिक्षा-परीक्षा और रोजगार के सवाल को केंद्र में ला दिया है। इन सवालों पर आइसा और आरवाईए का धारावाहिक आंदोलन रहा है। आज देश में युवा आबादी पूरी दुनिया में सबसे अधिक है लेकिन इसी दौर में मोदी सरकार ने देश की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का काम किया, युवाओं के सपनों को मृत्यग्रस्त किया। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यह आंदोलन और मजबूत होगा और आजादी के बाद की सबसे भ्रष्ट, निकम्मी और जुल्मी मोदी सरकार का न सिर्फ अंत करेगा बल्कि एक बड़े सामाजिक और राजनैतिक बदलाव का वाहक बनेगा।

धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अखिल भारतीय खेत ग्रामीण मजदूर सभा के प्रदेश सचिव राजेश साहनी ने कहा कि छात्र-युवा आंदोलन से मजदूर, किसान और अन्य सभी वर्गीय आंदोलन एकताबद्ध होंगे और जनता की आंकाओं के अनुरूप बदलाव की गाथा लिखेंगे।

जन संवाद में उपस्थित छात्रों-युवाओं सहित विभिन्न तबकों के लोगों के सवालों का जवाब दिया। इस जनसंवाद में भास्कर, शशिकांत, पवन आदि ने अपनी बात रखी। सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों ने नेतृत्व और प्रदेश अध्यक्ष का आभार व्यक्त करते हुए इस बड़े आंदोलन को सफल बनाने के लिए पूरी निष्ठा से काम करने का संकल्प लिया।

 

 

जन संवाद का संचालन आइसा, गोरखपुर के संयोजक विवेक ने किया। इस दौरान भाकपा माले के जिला सचिव राकेश सिंह, मनोज मिश्रा, शिक्षक नेता रामप्रताप , शिक्षक श्रावण प्रसाद, बजरंगी निषाद , मनोज निषाद , विनोद भारद्वाज, सुदाम भारती , शशिकांत सिंह, पवन कुमार, कुलदीप गौतम, पियांशु, अश्वनी, प्रियंका, प्रिया, तनु कुमारी मंजली , राजवीर आदि लोग शामिल रहे।