दिल्ली/रायपुर। वरिष्ठ कवि देवेन्द्र आर्य को अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन के बैनर तले दिए जाने वाले प्रतिष्ठित सृजनगाथा डॉट कॉम सम्मान-2026 से सम्मानित किया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन की डॉ. सविता मोहन एवं समन्वयक जय प्रकाश मानस ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यह सम्मान उन्हें 26वें अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन, पोर्ट ब्लेयर (19 से 26 सितंबर 2026) में प्रदान किया जाएगा।
इस सम्मान के लिए गठित चयन मंडल ने अपनी अनुशंसा में कहा कि “देवेन्द्र आर्य की समकालीन कविता अपनी गूँज में राजनीतिक होते हुए भी शिल्प में बेहद आत्मीय और घरेलू है। वे रोज़मर्रा के छोटे बिंबों (जैसे धूप, लालटेन या मिट्टी) के ज़रिए बाज़ार और सत्ता के बड़े क्रूर सत्य को अनावृत करते हैं। उनकी भाषा में कोई दार्शनिक भारीपन नहीं है, बल्कि एक बेचैन करने वाली सादगी है जो सीधे पाठक के विवेक से संवाद करती है। अंततः, उनकी रचनाएँ हाशिए के समाज के पक्ष में खड़ी होकर व्यवस्था की ‘फ़ाइलों’ के मुक़ाबले मनुष्य की ‘धड़कनों’ और ‘जान’ को बचाने की एक बेहद ज़रूरी और शांत पैरवी हैं।”

कथा और कविता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिए जाने वाले इस सम्मान से इसके पूर्व डॉ. सुधीर सक्सेना (भोपाल), गीताश्री (दिल्ली), एकांत श्रीवास्तव (कोलकाता), संतोष श्रीवास्तव (मुंबई), डॉ. हरिसुमन बिष्ट (गाजियाबाद), प्रबोध कुमार गोविल (जयपुर), कृष्ण बिहारी (अबू धाबी), पूर्णिमा वर्मन (अबू धाबी), असंग घोष (जबलपुर), राकेश पांडेय (दिल्ली), राजेश श्रीवास्तव (भोपाल), कुमुद अधिकारी (नेपाल), शरद पगारे (इंदौर), गोविंद माथुर (जयपुर), शंभु बादल (हजारीबाग), सवाई सिंह शेखावत (जयपुर), निर्मला भुराडिया (इंदौर), डॉ. मंजुला दास (सोनीपत), डॉ. बीना बुदकी (जम्मू), डॉ. के.के. प्रजापति (राउरकेला), डॉ. भीष्म उप्रेती (काठमांडू) और जयवर्द्धन (दिल्ली) को सम्मानित किया जा चुका है।
गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) में 16 जून 1957 को जन्मे देवेन्द्र आर्य ने शिक्षा-दीक्षा के पश्चात् भारतीय रेल सेवा में कार्य किया और 2017 में सेवानिवृत्त होकर स्वतंत्र लेखन कर रहे हैं।
उनकी छह कविता-संग्रह —‘आग बीनती औरतें’, ‘प्रयोगशाला में पृथ्वी’, ‘मैं लिखता तो ऐसे लिखता’, ‘पैदल इंडिया’, ‘रंगायो जोगी कपड़ा’ और ‘देवेन्द्र आर्य: चयनित कविताएँ’ प्रकाशित हैं।
