महादेवा गाँव को बड़ी गंडक नदी की कटान से बचाने के लिए पूर्व विधायक ने जल शक्ति मंत्री को पत्र लिखा

कुशीनगर। पूर्व विधायक और भाजपा के नेता मदन गोविंद राव  ने जल शक्ति मंत्री डॉ महेंद्र सिंह पत्र लिखकर नारायणी नदी के तट पर बसे महादेवा गाँव को नदी की कटान से बचाने तथा भौसहा गांव के सामने ठोकर नंबर चार के नोज पुनः निर्मित करने की मांग की है।

पूर्व विधायक ने पत्र में लिखा है कि खड्डा विधानसभा में बड़ी गंडक (नारायणी नदी) द्वारा महादेवा गाँव भयावह कटाव किया जा रहा है।ग्राम सभा महादेवा को पूरी तरह लीलने पर आतुर नदी के कारण हजारों लोगों का संभावित विस्थापन एक नयी समस्या को जन्म देने वाला साबित हो सकता है। पिछले वर्षों में महादेवा का एक टोला आबादी समेत कट कर नदी के पेटा में समा चुका है जबकि शेष बचा विशेश्वरपुर अंतिम संघर्ष कर रहा है। पन्द्रह बीस दिनों से शांत नदी ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है।

भाजपा नेता ने लिखा है कि  24 अगस्त को जब मैं सहयोगियों के साथ कटान स्थल पर था तो आधे घंटे के अंदर ही लगभग दो मीटर तक कटान हो गया। इस गति से कटान जारी रही तो एक माह के अंदर पूरा आवासीय क्षेत्र नदी में विलीन हो जाएगा। मुझे बताया गया कि दो सहायक अभियंता और आठ अवर अभियंता बचाव कार्य में कथित दर्जनों ठेकेदारों के साथ लगे हुये हैं लेकिन कटान रोकने में असमर्थ साबित हो रहे हैं। ग्राम वासियों की शिकायत है कि कटान रोकने के नाम पर धन का बंदरबांट किया जा रहा है तथा बांस के बंबूक्रेट में न तो ईंट या बालू और ना तो पत्थर भरी बोरियां डाली जा रही है जिसके कारण बांस का बंबू क्रेट नदी में डालते ही बह जा रहा है। मेरे सामने ही नदी तट पर बांस के बंबू क्रेट डाले जा रहे थे जिसमें केला एवं बांस की थोड़ी मात्रा में पत्तियां भर थी उसमें कोई बोरा आदी नहीं था गांव वालों ने बताया कि दिखाने के लिए एक दो बंबू क्रेट में मिटटी भरी बोरियां कभी कभार डाल दी जा रही है।

पूर्व विधायक ने कहा कि  मैं इस क्षेत्र का विशेषज्ञ नहीं हूं लेकिन तेज धार वाली नदी के कटान रोकने का यह तरीका मेरे समझ से परे हो गया है। मैं अनुभव करता हूं की आबादी के सामने नदी जिस जगह तट पर टकरा रही है वहां पत्थरों के बड़े-बड़े बोल्डर डाले जाने चाहिए थे तब ही बांस वाले बंबू क्रेट का सही उपयोग हो सकता था।    मौके पर मौजूद सहायक अभियंता यह भी नहीं बता पाए कि इस मानसूनी मौसम में कटान रोकने के नाम पर कितना धन व्यय हो चुका है। अधिशासी अभियंता श्री एमके सिंह फोन रिसीव करना भी जरूरी नहीं समझ रहे है। इसी प्रकार भैसंहा पीपा पुल के पास ठोकर नंबर चार का नोज धीरे-धीरे धस रहा है जिस पर ध्यान दिया जाना आवश्यक है।