उन्होंने कहा कि इन हालातों की सामाजिक प्रतिक्रियास्वरूप निकट भविष्य में दुनिया भर में सोशलिस्ट आंदोलनों का आविर्भाव स्वाभविक हो गया है जिसका अंदाज एलन मस्क सहित शोषक मानसिकता वाले सभी शीर्ष उद्योगपतियों हो चुका है। इन उद्योगपतियों ने अपना यह आकलन डोनाल्ड ट्रम्प, नरेन्द्र मोदी जैसे अपने-अपने करीबी रबड़ स्टांप नेताओं को भी बता दिया है।
पूँजीवादियों को भय है कि सोशलिस्ट आंदोलन हुआ तो इन सबकी जैसे-तैसे लूटी गई अथाह संपतियों का आम लोगों में वितरण हो जायेगा। इसी बेचैनी में इन लोगों ने अभी से ही सोशलिस्ट विचारधारा को बदनाम करने का अभियान शुरू कर दिया है।
सोशलिस्टों की तुलना हिटलर से करके पूँजीवाद अभी से ही अपने बचाव की तैयारी में लग गया है। किंतु इसका बहुत ज्यादा कोई फायदा नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि हर अति का अंत सुनिश्चित होता है। जिस प्रकार दुनिया भर में पूँजीवाद चरम पर पहुँच गया है, वैसे में आम लोगों की प्रतिक्रिया स्वाभविक है।
