गोरखपुर। मनरेगा को बहाल करने, 200 दिन काम देने, 600 दैनिक मजदूरी, श्रमिकों के लिए आठ घंटे काम और 34 हजार मासिक वेतन देने, बुलडोजर पर रोक लगाने, हर गरीब को 10 डिसमिल जमीन देने, स्मार्ट मीटर पूरी तरह बंद करने, , दो सौ यूनिट बिजली फ्री करने की मांग को लेकर खेत एवं ग्रामीण मजदूर संगठनों की ओर से आगामी 15 मई को संयुक्त राष्ट्रीय हड़ताल का आह्वान किया गया है। इसके तहत पूरे प्रदेश में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया जाएगा और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन संबंधित अधिकारियों को दिया जाएगा।
यह बातें उत्तर प्रदेश खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के अध्यक्ष श्रीराम चौधरी और प्रदेश सचिव राजेश साहनी ने एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में दी।
नेताद्वय ने कहा कि आज मोदी सरकार ने मनरेगा कानून के जगह जी ग्रामजी कानून को अधिसूचित कर देश की आधी आबादी को प्राप्त 100 दिन की रोजगार गारंटी कानून का इतिश्री कर दिया है । मनरेगा जो एक सार्वभौम कानून था,देश के किसी कोने के ग्रामीण को वर्ष में 100 दिन काम पाने का कानूनी अधिकार प्राप्त था लेकिन जीग्राम जी के तहत मोदी सरकार ने जिस क्षेत्र को चाहेगी उसी क्षेत्र की ग्रामीणों को रोजगार देगी, मजदूरी वही रखेगी।
खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के नेताओं ने कहा कि वर्तमान दौर में जब चौतरफा आर्थिक मंदी आ गयी है, युद्ध के प्रभाव से उद्योग कल कारखाना बंद हो रहे हैं, न्यूनतम मजदूरी देने की जगह 8 से 10 हजार रुपए मासिक मजदूरी देकर मजदूरों को 12 घंटा खटाया जा रहा है। महानगरों से मजदूरो का गांव में पुनर्वापसी हो रही है। सब के सब संकट ग्रस्त कृषि पर ही निर्भर होते जा रहे हैं। ऐसे में मनरेगा को सार्वभौम बनाकर वर्ष में 200 दिन काम और ₹600 दैनिक मजदूरी देकर ग्रामीण गरीबों को नया जीवन देने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के सभी जिलों सहित तराई के लखीमपुर, पीलीभीत, सीतापुर, बांदा, जालौन, इलाहाबाद, फैजाबाद आदि जिलों में भी अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा अन्य संगठनों के साथ हड़ताल में उतरेगी। गोरखपुर में 10 बजे नगर निगम पार्क में मजदूर जुटेंगे और वहां से जुलूस निकालकर गोलघर होते हुए डीएम कार्यालय पहुंचेंगे।
