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जंतर-मंतर में चल रही भूख हड़ताल के समर्थन में निकला मशाल जुलूस

अंबेडकर छात्रावास अधीक्षिका द्वारा उत्पीड़न पर भड़का छात्रों का ग़ुस्सा

इलाहाबाद| इलाहाबाद में सलोरी स्थित अंबेडकर छात्रावास से लेकर बैंक रोड तक छात्रों ने अंबेडकर छात्रावास की अधीक्षिका द्वारा किए जा रहे जातिगत उत्पीड़न के ख़िलाफ़, यूपी लेखपाल, UPSI, TGT, PGT, NEET से लेकर असिस्टेंट प्रोफेसर समेत तमाम परीक्षाओं में जारी धांधली के ख़िलाफ़ मशाल जुलूस निकाला। जुलूस निकालते हुए छात्रों ने सभा की और सभा में जातिगत उत्पीड़न को ख़त्म करने की मांग रखी और साथ में कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान इस्तीफ़ा दें, पेपर लीक पर रोक लगाई जाए, शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा दे रही NEP–2020 को ख़त्म किया जाए और एनटीए को ख़त्म किया जाए।

सभा में आइसा उत्तर प्रदेश के सचिव शशांक ने बात रखते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार में उत्तर प्रदेश में जातिवादी घटनाएं लगातार बढ़ रहीं हैं। मेरठ से लेकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय और अम्बेडकर छात्रावास में इन घटनाओं को लगातार देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश में लेखपाल , UPSI से लेकर NEET और UGC–NET सहित लगभग सभी परीक्षाओं में धांधली जारी है और बड़े पैमाने पर पेपर लीक जारी है। एनटीए लगातार पेपर लीक में शामिल है और शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान इसकी ज़वाबदेही तय नहीं कर रहे हैं।  इसलिए उनको तुरंत इस्तीफ़ा देना होगा और एनटीए को ख़त्म करना होगा। उन्होंने कहा कि यह सरकार कोरोना के समय में छात्र विरोधी नई शिक्षा नीति 2020 लेकर आती है जिससे शिक्षा का लगातार बड़े पैमाने पर निजीकरण हो रहा है। भाजपा सरकार लगातार शिक्षा को महंगी करती जा रही है जिससे दलित, मजदूर वर्ग से आने वाले छात्र दूर होते जा रहे हैं, इस महंगी शिक्षा का सबसे बड़ा दमन हमारे देश की आधी आबादी झेल रही है।

छात्रनेता श्रीकांत अंबेडकर ने बात रखते हुए कहा कि भाजपा सरकार में शिक्षा के स्तर पर सबसे बड़ा हमला जारी है। लगातार फंड कटौती की जा रही है। छात्रावासों में मूलभूत सुविधाओं की बहुत बड़ी कमी है। इस सरकार में बड़े स्तर पर पेपर लीक हो रहे हैं। अधिकांश परीक्षाएं एनटीए द्वारा कराई जा रही हैं। एनटीए  को लेकर भाजपा सरकार की चुप्पी उसके साथ सीधी संलिप्तता दिखाती है। सरकार को अपनी जवाबदेही तय करते हुए, धर्मेन्द्र प्रधान से इस्तीफ़ा लेना पड़ेगा।

आइसा इलाहाबाद की अध्यक्ष सोनाली ने कहा कि जंतर मंतर पर चल रहे आन्दोलन का समर्थन केवल इलाहाबाद तक सीमित नहीं है। NTA और धर्मेन्द्र प्रधान के खिलाफ़ यह आंदोलन पूरे देश में फैल रहा है। भाजपा सरकार की नाकामियां पूरे देश की जनता को पता चल चुकीं हैं इसलिए आज हमारे साथ इस लड़ाई में न केवल छात्र शामिल हैं बल्कि शिक्षक, किसान, मजदूर, महिलाएं सभी शामिल होकर इस आंदोलन को तेज कर रहे हैं और धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफ़े के लिए एकजुट हो रहे हैं।

सोनाली ने कहा कि एनटीए कोई स्वायत्त संस्था नहीं है, इस संस्था का कोई स्थाई ढांचा नहीं है। परीक्षा कराने वाली सबसे सस्ती एजेंसी को ठेके पर हायर किया जाता है जिसके पास नाम मात्र के कर्मचारी हैं। जिसकी कोई जवाबदेही और पारदर्शिता नहीं है। इसलिए एनटीए जैसी भ्रष्ट संस्था को रद्द किया जाए और पेपर लीक की जिम्मेदारी लेते हुए धर्मेन्द्र प्रधान अपना इस्तीफ़ा दें।

राजनीतिक विज्ञान के शोध छात्र बृजेश ने कहा कि योगी सरकार बेहतर शिक्षा और सम्मानजनक रोजगार देने में पूरी तरह नाकाम हो चुकी है। योगी सरकार बेहतर तरीके से परीक्षा करवा पाने की गारंटी सुनिश्चित नहीं कर रही है। टीजीटी, पीजीटी जैसी तमाम रोजगार परीक्षाओं में अचानक नई नियमावली को लागू करके लाखों युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने का काम भाजपा सरकार कर रही है।

सभा का संचालन शशांक ने किया। सभा और जुलूस में मानवेंद्र, अवनीश, अमित,प्रदीप ,विवेक, राधा ,शैलेन्द्र अर्जुन,अखिलेश , सिद्धार्थ, आलोक, अमित समेत सैकड़ों छात्र मौजूद रहे।

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