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जंतर मंतर पर युवाओं की भूख हड़ताल के समर्थन में वाराणसी में महिलाओं ने किया भूख हड़ताल

वाराणसी। अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) की महिलाओं ने आज दुर्गाकुंड स्थित घसियारी टोला, बाबा साहब डा. आंबेडकर मूर्ति के निकट शिक्षा व्यवस्था में धांधली और लगातार पेपर लीक मामले को लेकर  सामूहिक भूख हड़ताल की। भूख हड़ताल कर रहीं महिलाओं ने कहा कि उनकी यह हड़ताल दिल्ली के जंतर मंतर पर पर्यावरणविद सोनम वांगचुक और आइसा की अध्यक्ष नेहा, मनीष सहित छात्रों-युवाओं द्वारा 11 दिन से किये जा रहे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के समर्थन में हैं जिसे मौजूदा सरकार जानबूझकर नकार रही हैं।

भूख हड़ताल के दौरान हुई सभा को संबोधित करते है ऐपवा की प्रदेश सचिव कुसुम वर्मा ने कहा की इस देश में पेपर लीक परम्परा बनती जा रहे है। लेखपाल भर्ती परीक्षा सहित UPSI, TGT, PGT, NEET आदि परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। देश और प्रदेश की सरकार ने इस पर ऐसी चुप्पी साध रखी है मानो उन्हें युवाओं के भविष्य की कोई परवाह ही न हो।

रोजा मैथ्यू ने कहा की नीट परीक्षा लीक से 23 लाख बच्चों का भविष्य प्रभावित हुआ है और कई बच्चों को इसकी वजह से आत्महत्या कर ली। सरकार को इसकी जवाबदेही लेनी चाहिए लेकिन सरकार का पूरा रुख इस मामले में असंवेदनशील बना हुआ है। हम महिलाएं चाहते है की नीट परीक्षा में धांधली की जिम्मेदार एनटीए को भंग किया जाए और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफ़ा दें।

ऐपवा जिलाध्यक्ष सुतपा ने कहा कि की 11 दिन से जंतर मंतर पर पर्यावरणविद सोनम वांगचुक और छात्र-छात्राएं भूख हड़ताल पर बैठे हैं लेकिन विकसित भारत और भारत को विश्व गुरु बनाने का दावा करने वाले युवाओं की बात नहीं सुन रहे हैं। इससे पता चलता है की यह सरकार सत्ता की मद में चूर है। यह सत्ता युवाओं पर तानाशाही पूर्ण कार्रवाई कर रही हैं।

किसान नेता कृपा वर्मा ने कहा की शिक्षा व्यवस्था में धांधली इस देश के भविष्य को खतरे में डालेगी। इस चुनौतीपूर्ण समय में इस देश का युवा बाबा साहब के सपने को साकार कर रहा है। शिक्षित बनने , संगठित और संघर्ष करने के जज्बे के साथ लड़ रहा है।

कार्यक्रम में जिला सचिव स्मिता, उपाध्यक्ष विभा, बेबी, धनशीला, सोनी, सोना, , सीमा , अनीता, पूजा, गायत्री, मुन्नी आदि मौजूद थे।

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