Category : साहित्य – संस्कृति

साहित्य - संस्कृति

‘ कहत भिखारी ’ का मंचन 17 को

गोरखपुर। रूपान्तर नाट्य मंच द्वारा 17 दिसम्बर की शाम छह बजे गोरखपुर विश्वविद्यालय के संवाद भवन में ‘ कहत भिखारी ’ का मंचन किया जाएगा।...
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कवि-लेखक सुभाष राय को 19 दिसंबर को दिया जाएगा देवेन्द्र कुमार स्मृति कविता सम्मान

गोरखपुर। हिंदी के विलक्षण कवि देवेंद्र कुमार की स्मृति में प्रेमचंद साहित्य संस्थान गोरखपुर द्वारा घोषित देवेंद्र कुमार स्मृति कविता सम्मान 19 दिसम्बर को प्रेमचंद...
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राधा कमल मुखर्जी ने मूल्यों को सामाजिक तथ्य के रूप मे प्रयोग करने पर बल दिया: प्रो. संगीता पाण्डेय

गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग में प्रसिद्ध समाजशास्त्री राधा कमल मुखर्जी के जन्मदिवस के अवसर पर  ‘राधा कमल मुखर्जी स्मृति व्याख्यान’ तथा विद्यार्थियों के...
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31 दिसंबर तक भेज सकते हैं “ यायावरी वाया भोजपुरी ” की कथा प्रतियोगिता में अपनी कहानी

गोरखपुर। ईश्वर बृज फाउंडेशन द्वारा संचालित भोजपुरी भाषा में कहानियों का पहला स्टोरी टेलिंग ऑडियो ऐप “ यायावरी वाया भोजपुरी ” ने भोजपुरी की मौलिक...
लोकरंग

असोम का बिहू और बुंदेलखंड का राई नृत्य होगा लोकरंग-14 का प्रमुख आकर्षण

कुशीनगर। लोकरंग का 14 वां  दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम, 10 अप्रैल को प्रारंभ हो रहा है। इस अवसर पर देश के नामी लोक कलाकार, साहित्यकार,...
लोकरंग

10 और 11 अप्रैल को होगा लोकरंग-2021, पोस्टर जारी हुआ

गोरखपुर। कुशीनगर जिले के जोगिया जनूबी पट्टी, फाजिलनगर में हर वर्ष आयोजित होने वाला लोकरंग 10-11 अप्रैल को आयोजित होगा। इस वर्ष आयोजन का 14...
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अशोक कुमार पाण्डेय की किताब ‘ कश्मीर और कश्मीरी पण्डित ’ का लोकार्पण और संवाद का आयोजन कल

गोरखपुर। संवाद और विमर्श केंद्रित संस्था ‘ आयाम ’ की ओर से कवि-कथाकार अशोक कुमार पाण्डेय की सद्यः प्रकाशित पुस्तक ‘ कश्मीर और कश्मीरी पण्डित...
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साहित्य के ‘होलटाइमर’ थे प्रो. परमानंद श्रीवास्तव : प्रो अनिल कुमार राय

गोरखपुर। व्यक्ति को समाज में ज्ञान से नहीं अपितु समाजहित में किये गए उसके कर्म से पहचान मिलती है। यहां तक कि राम और कृष्ण...
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अन्याय, शोषण के खिलाफ जनता की आवाज है गोरख पांडेय की कविता

गोरखपुर। क्रांतिकारी कवि एवं जन संस्कृति मंच के संस्थापक महासचिव गोरख पाण्डेय की स्मृति में 29 जनवरी की दोपहर 2 बजे प्रेमचंद पार्क में गोष्ठी...
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किसान- मजदूर की आवाज हैं गोरख पांडेय के गीत

गोरखपुर. भोजपुरी संगम की 119 वीं बैइठकी खरैया पोखरा स्थिति स्व.सत्य  नारायण मिश्र सत्तन के आवास पर हुई जिसके प्रथम सत्र में क्रांतिकारी कवि     गोरख...
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भोजपुरी लोकगीतों को विश्व धरोहर में शामिल कराने का प्रयास कर रहे हैं : डॉ सरिता बुधू

सगीर ए खाकसार
मॉरीशस की डॉ सरिता बुधू ने भोजपुरी भाषा ,कला,संकृति और लोकगीत के संवर्द्धन के लिए के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया है. भोजपुरी...
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‘ इस देश को हिंदू ना मुसलमान चाहिए हर मजहब जिसको प्यारा हो वो इंसान चाहिए ’

बुद्ध से कबीर तक ट्रस्ट ने आयोजित किया ‘ ढाई आखर प्रेम ’ का कार्यक्रम गोरखपुर। बुद्ध से कबीर तक ट्रस्ट और हैप्पी मैरिज हाउस...
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काठमाण्डू में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन शुरू

सगीर ए खाकसार
काठमाण्डू। विश्व हिंदी दिवस 10 जनवरी के अवसर पर नेपाल की राजधानी काठमाण्डू में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन का उद्घाटन आज होटल याक...
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‘ ना परिंदों की चहक हो, ना बच्चों का गुल /शहर में अम्न व अमां हो तो ग़ज़ल होती है ’

  ग़ालिब की जयंती पर आकाशवाणी गोरखपुर में मुशायरा गोरखपुर. मिर्जा असद उल्लाह खां ग़ालिब की जयंती के अवसर पर आज आकाशवाणी गोरखपुर के स्टूडियो...
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सदानंद शाही आधुनिक भाव बोध के कवि हैं : प्रो सुधा सिंह

‘ बुद्ध की धरती पर कविता ‘ कार्यक्रम में कविता संग्रह ‘ माटी पानी’ और ‘ कविता के दुनिया के अ -नागरिक ‘ का लोकार्पण,...
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पूर्वांचल साहित्य महोत्सव में पत्रकार सग़ीर ए ख़ाकसार सम्मानित

सिद्धार्थनगर. वरिष्ठ पत्रकार और सोशल एक्टिविस्ट सग़ीर ए ख़ाकसार को शिक्षा और पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया है. उन्हें...
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भोजपुरी के पहले कहानी संग्रह ‘जेहलि के सनद’ में सामाजिक यथार्थ है

गोरखपुर। ‘ भोजपुरी भाषा की पहली कहानी ‘केहू से कहब मत’ अगस्त 1947 में लिखी गयी और इस भाषा का प्रथम कहानी संग्रह अवध बिहारी...
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प्रेमचंद के पहले हिन्दी उपन्यास ‘ सेवासदन ’ पर अन्तरराष्ट्रीय संगोष्ठी 16-17 दिसम्बर को

  गोरखपुर. प्रेमचंद के पहले हिन्दी उपन्यास सेवासदन के सौ साल पूरा होने पर प्रेमचंद साहित्य संस्थान द्वारा दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग...
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‘ सुलेमान मसरूर की शायरी में है ज़िंदगी का भरपूर अक्स ’

शायरी संग्रह ‘ अफ़कार का चिराग ‘ का विमोचन गोरखपुर. मंगलवार को शायर सुलेमान मसरूर के शायरी संग्रह ‘अफ़कार का चिराग’ का विमोचन इस्लामिया कॉलेज...
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मिथकों को इतिहास बनाने का नियोजित प्रयास किया जा रहा है : डा. नलिन रंजन सिंह

जनवादी लेखक संघ, गोरखपुर का जिला सम्मेलन गोरखपुर. इतिहास, मिथक और परम्परा के गूढ़ अर्थ को समझते लिखना लेखक का दायित्व है. स्वस्थ परंपराओं से...