जातक कथाएँ केवल अतीत की स्मृतियाँ नहीं, बल्कि भावी मानवता के निर्माण का व्यावहारिक व्याकरण हैं : प्रो. सदानन्द शाही
वाराणसी। लंका स्थित “क” कला दीर्घा में 24 मई की शाम ‘साखी शोधशाला, वाराणसी’ एवं ‘अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, लखनऊ’ के संयुक्त तत्वावधान में भारतीय...
