दलित मनरेगा मजदूर द्वारा मारपीट किए जाने का विरोध करने पर अंजाम दी गयी
घटना, पुलिस ने दोनों पक्षों पर केस दर्ज किया
गोरखपुर। गगहा थाना क्षेत्र के पोखरी गांव में शनिवार को दबंगों ने दलित बस्ती पर हमला बोलकर दलितों की बुरी तरह से पिटाई की। इस घटना में एक गर्भवती महिला सहित आधा दर्जन दलित बुरी तरह से घाायल हुए हैं. हमलावरों ने चार बाइक और एक आटो भी क्षतिग्रस्त कर दिया। मवेशियों को भी मारा जिसमें एक गर्भवती भैंस का गर्भ गिर गया.
पुलिस ने दिन की घटना की रिपोर्ट रात में दर्ज कर ली लेकिन बाद में आरोपियों की तहरीर पर दलित बस्ती के 10 नामजद व 5-7 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर लिया. इस एफआईआर में घायल दलितों के भी नाम हैं.
पुलिस ने घायल रामगति के बेटे अतुल की तहरीर पर सुरेश चन्द्र, भोलू, पिंटू, अंगद, चंचल, विन्धयांचल, हैप्पी चंद, धिरू चंद, धीरज चन्द्र, अनूप चन्द्र, अतुल सिंह, अशोच चन्द्र सहित 28 नामजद व एक अज्ञात के खिलाफ काफी जद्दोजेहद के बाद दे रात भादवि की धारा 147, 148, 149, 332, 307, 354, 395, 427, 429, 504, 506, व अनुसूचित जाति एवं अनूसूचित जन जाति नृशंसता निवारण अधिनियम 1989 संशोधन 2015 के तहत व पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इस तहरीर में अतुल ने आरोप लगाया है कि पोखरी के अलावा कोहरा व नर्रे गांव से आए 100 लोगों ने दलित बस्ती पर हमला बोला। तहरीर में महिलाओं के साथ छेड़खानी का भी आरोप लगाया गया है।

बाद में पुलिस ने इस मामले में दूसरे पक्ष की तहरीर पर दलित बस्ती के रामगति, अभिषेक, नन्दन, राममिलन, रजनीकांत, संतोष, संजीव, शैलेष, छोटू व सौरभ के अलावा 5-7 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
इंकलाबी नौजवान सभा, भाकपा माले के एक प्रतिनिधि मंडल ने रविवार को गांव का दौरा कर रिपोर्ट जारी किया है। इस रिपोर्ट में पुलिस पर घटना को दबाने और दोषियों की गिरफ्तारी न करने का आरोप लगाया है। अम्बेडकर जन मोर्चा ने भी बयान जारी कर दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है.
इंकलाबी नौजवान सभा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, भाकपा माले की जिला कमेटी के सदस्य श्याम चरन, बांसगांव ब्लाक कमेटी के सदस्य तसामूल, भोला प्रसाद ने रविवार को पोखरी गांव का दौरा किया।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे इंकलाबी नौजवान सभा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने बताया कि यह घटना सवर्ण सामंती दबंगई का चारित्रिक उदाहरण है. राजपूत विरादरी के दो दर्जन से अधिक लोगों शनिवार को दलित टोले पर हमला बोल दिया जिसमे दलित टोले के 55 वर्षीय रामगती, उनके पुत्र अभिषेक और अतुल, पुत्री अंकिता, पत्नी मीरा के अलावा रामसिंगार, संतोष तथा एक गर्भवती महिला घायल हुए। घायलों को पहले गोला सीएचसी, फिर जिला अस्पताल और उसके बाद बीआरडी मेडिकल कालेज ले जाया गया जहां उनका मेडिकल परीक्षण व इलाज करने के बाद छुट्टी कर दी गयी।
रामगति के बेटे अतुल के अनुसार हमले में चार महिलाओं समेत एक दर्जन दलित घायल हुए हैं.
हमलावरों ने हमले के दौरान चार मोटरसाइकिल, एक इलेक्ट्रॉनिक ऑटो को पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया। हमलावरों ने छोटू की गर्भवती भैंस को भी बुरी तरह पीटा जिससे उसका बच्चा गर्भ से बाहर आ गया।
इस घटना में रामगति के बेटे अभिषेक का सिर बुरी तरफ फट गया और एक हाथ टूट गया। उनके सिर में छह टांके लगे हैं। रामगति को सिर में तीन टांके लगे हैं।
घटना शनिवार को दोपहर 11 बजे घटित हुई। दलित बस्ती के लोगों ने पुलिस को फोन किया तो मौके पर दो सिपाही आए और घटना की जानकारी ली। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। सोशल मीडिया में घटना के वीडियो प्रसारित होने के बाद शाम को दो नामजद और 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया।

दलित बस्ती पर हमले का कारण दलित मनरेगा मजदूर रामगति द्वारा गांव के कुछ दबंगों द्वारा बार-बार अपमानित व मारपीट किए जाने का विरोध करना है। गांव में प्रधान व कोटेदार के बीच बनती नहीं है। प्रधान 29 अप्रैल को मनरेगा से सड़क बनवाने का काम करा रहे थे। इस कार्य में कोटेदार के एक रिश्तेदार की जमीन से मिट्टी निकालकर सड़क पर डाली गयी। इसका कोटेदार के परिजनों ने विरोध किया और रामगति को इसके लिए जिम्मेदार बताते हुए उनके साथ गाली गलौच की। विरोध करने पर उन्हें तमाचे मारे गए। रामगति ने इस घटना की गगहा थाने में शिकायत की लेकिन पुलिस ने इसको हल्के से लिया और एफआईआर दर्ज नहीं की।

इस घटना को लेकर दलित बस्ती के लड़कों को कई बार अपमानित करने व मारने-पीटने की घटना हुई।
शुक्रवार को काली मंदिर पर पूजा के दौरान दबंगों और दलित युवकों के बीच विवाद हुआ।
एक दिन बाद शनिवार को सुबह नौ बजे रामगति के एक बेटे जो ठेले पर अंडा बेचते हैं, उनके साथ दबंगों ने गाली गलौच की। रामगति के सबसे छोटे बेटे जो अभी हाल में बरेली से लौटा है, को पीट दिया गया।
डेढ़ घंटे बाद दबंगों के एक समूह ने रामगति के घर पर धावा बोला और मारपीट की कोशिश की। गांव के लोगों ने किसी तरफ मामले को संभाला। आधे घंटे बाद पूर्वान्ह 11 बजे दो दर्जन की संख्या में हमलावार आए और रामगति और उनके घर के लोगों को पीटना शुरू किया। बचाव के लिए आए लोगों को भी पीटा गया।
इंकलाबी नौजवान सभा और भाकपा माले ने कहा कि यदि इस घटना को प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया तो स्थिति विस्फोटक हो सकती है। प्रशासन तत्काल अभियुक्तों की गिरफ्तारी कर कानूनी कार्यवाही करे, घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था कर उन्हें सुरक्षा प्रदान करे। साथ ही इस हमले में दलित बस्ती को हुए नुकसान की भरपाई की जाए।
अम्बेडकर जन मोर्चा के मुख्य संयोजक श्रवण कुमार निराला ने विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि पोखरी गांव के दबंगों ने अपने वर्चस्व व दहशत कायम करने तथा बेगारी कराने के उद्देश्य से 13 जून को दलित बस्ती पर हमला बोल कर दलितों को बुरी तरह से मारा-पीटा। पुलिस इस गंभीर घटना में लीपापोती कर रही है। यदि दोषियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं हुई तो अम्बेडकर जन मोर्चा सड़क पर उतर कर आन्दोलन करेगा।
