यह वैक्सीन न्यूमोकॉकल बैक्टेरिया से होने वाले निमोनिया को रोकता है, कार्यशाला में डब्ल्यूएचओ के सहयोग से चिकित्सक प्रशिक्षित
देवरिया। बाजार में करीब 2000 रुपये प्रति डोज की दर से उपलब्ध न्यूमोकॉकल वैक्सीन अब सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। यह वही वैक्सीन है जो न्यूमोकॉकल बैक्टेरिया के कारण होने वाले निमनिया से बचाव करता है। जिले में यह वैक्सीन 8 अगस्त को लांच की जाएगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आलोक कुमार पांडेय की अध्यक्षता में इस संबंध में उनके कार्यालय के धन्वंतरि सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के सहयोग से कार्यशाला में मौजूद सभी चिकित्सकों को इस टीके के बारे में प्रशिक्षित किया गया।
सीएमओ ने बताया कि नवजात को अब निमोनिया से होने वाले जान के खतरें से अधिक समय तक लड़ना नही पड़ेगा। उन्हें निमोनिया से बचाने के लिए जनपद के सभी स्वास्थ्य इकाइयों में मुफ्त लगाया जायेगा। न्यूमोकॉकल बैक्टीरिया से होने वाले निमोनिया व अन्य बीमारियों से बचाव के लिए हर प्रकार से बच्चों के लिए सुरक्षित वैक्सीन को 8 अगस्त को लांच किया जायेगा।
एसीएमओ एवं जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. डीवी शाही ने बताया कि बहुत सारे बच्चे केवल निमोनिया के चपेट में आकर अपनी जान गवा देते है। इसलिए विभाग द्वारा चलाये जा रहे नियमित टीकाकरण में न्यूमोकॉकल कांजुगेट वैक्सीन (पीसीवी) को शामिल करने का निर्णय लिया गया है। इस टीके को लगाने से बच्चों को निमोनिया, डायरिया जैसे तमाम गंम्भीर बीमारियों से बचाया जा सकेगा। इस टीके के आ जाने से निमोनिया, सर्दी, जुखाम, मस्तिष्तक बुखार को रोका जा सकेगा।
अभी तक बच्चों को बीसीजी, ओरल पोलियो, हेपेटाइटिस बी, पेनटावैनेलट, ओपीवी, एफआईपीवी, पीसीबी, रोटावायरस, एमआर, मिजिलेल्स, रूबेला व विटामिन ए का टीका निःशुल्क लगाया जाता रहा है।
न्यूमोकॉकल कांजूगेट वैक्सीन अब तक प्राइवेट अस्पतालों में मंहगे दामों पर लगाई जाती थी। गरीब परिवार इसका लाभ नहीं ले पाता था। अब शासन ने इसे सरकारी अस्पतालों में नियमित टीकाकरण में शामिल कर दिया है। इसकी डोज डेढ माह से साड़े तीन माह के सब बूस्टर डोज और नौ माह पर दी जाएगी।
कार्यशाला में एसीएमओ डॉ सुरेंद्र सिंह, एसीएमओ राजेंद्र प्रसाद , यूनिसेफ के डॉ हसन, ब्ल्यूएचओ के डा. गुंजन नाथ, एआरओ राकेश चंद सहित सभी एमओआईसी और बीपीएम मौजूद रहे।
