गोरखपुर। मुख्यमंत्री ने 10 और 11 मई को गोरखपुर में कोविड-19 से बचाव और इलाज की व्यवस्था देखी और समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को शत प्रतिशत कांटेक्ट टेªसिंग करने और निगरानी समितियांे की संख्या तीन से चार गुना बढ़ाने का निर्देश दिया।
अपने दो दिन के प्रवास मंे मुख्यमंत्री ने टीकाकरण कार्य का जायजा लिया। वह एम्स में भी भी गए जहां निजी क्षेत्र की कम्पनी बोइंग के सहयोग से 200 बेड का अस्पताल तैयार करने का काम होने वाला है। उन्होंने कोविड कमांड सेंटर और स्पोटर््स कालेज में बन रहे कोविड अस्पताल का भी निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री 10 मई को वाराणसी के दौरे के बाद गोरखपुर आए। उन्होंने सबसे पहले कलेक्ट्रट परिसर मे ई-डिस्ट्रिक कार्यालय मे स्थापित इन्टीगे्रटेड कोविड कमान्ड सेन्टर और उसके बाद स्पोर्टस कालेज मे बन रहे कोविड वार्ड का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री को बताया गया कि 24 घंटे संचलित इन्टीगे्रटेड कोविड कमान्ड सेन्टर मे कुल 290 लोगो को तैनात किया गया है। संक्रमित मरीजो के कान्टेªट टेसिग में प्रति शिफ्टो मे 40 लोग तथा होम आईसोलेशन मे रह रहे लोगो से वार्ता के लिये प्रति शिफ्ट 30 लोग लगाये गये है। इसी प्रकार डाटा फिडिग के 20 कम्पयूटर आपरेटर लगाये गये है ।
मुख्यमत्री ने स्पोर्टस कालेज मे बन रहे कोविड वार्ड का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिया कि कोविड वार्ड बनाने के लिये और भी स्थानों का खोज किया जाये जिसमे 250 बेड तक स्थापित किया जा सके।
अपने दौरे के दूसरे दिन सीएम योगी आदित्यनाथ ने चरगावा की सीएचसी पर 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग और बीआरडी. मेडिकल कालेज में 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगो के कोविड टीकाकरण के कार्य का निरीक्षण किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने बी.आर.डी. मेडिकल कालेज में कोविड-19 प्रबंधन से संबंधित गोरखपुर-बस्ती मण्डल की समीक्षा बैठक करते हुए निर्देश दिये कि कोरोना संक्रमण को प्रत्येक दशा में नियंत्रित करने के लिए निगरानी समितियां, आर.आर.टी. की संख्या बढ़ाई जाये। उन्होंने कहा कि आक्सीजन की आडिट हर हाल में करायी जाये तथा यह सुनिश्चित हो कि इसका वेस्टेज न होने पाये। हास्पिटलों में आक्सीजन आडिट कराया जाना नितान्त आवश्यक है, कही भी आक्सीजन की काला बाजारी नही होनी चाहिए इसकी जांच की जाये और पकड़े जाने पर दोषी के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के अलावा दोनों मण्डलों के अन्य जनपदों के जिलाधिकारियों से वर्चुअल बैठक कर जनपदवार कोविड-19 प्रबंधन की विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिये कि निगरानी समितियों की संख्या 3 से 4 गुना तक बढ़ाई जाये। उन्होंने कहा कि सरकार संसाधन उपलब्ध करा रही है। मेडिकल किट निगरानी समितियों के माध्यम से विस्तरित कराया जाये तथा उसका सत्यापन भी कराया जाये। मेडिकल किट की पर्याप्त दवा हर जनपद में उपलब्ध करायी गयी है। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस 108 का 75 प्रतिशत प्रयोग कोविड-19 में किया जाये और आर.आर.टी. को वाहन उपलब्ध कराये जाये। कोविड प्रबंधन कार्य में लापरवाही क्षम्य नही होगी, शत प्रतिशत कन्टेक्ट टेªसिंग करायी जाये। उन्होंने कहा कि यदि समय पर मरीज को सुविधा दी जाये तो निश्चित वह आरोग्यता को प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा कि रोग को छिपाया न जाये, अगर बीमारी है तो उसका उपचार आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगाये जाये, हर जनपद में प्रतिदिन 24 घंटे के अन्दर पाजीटिव, रिकवरी, एक्टिव केस आदि की समीक्षा की जाये और होम आइसुलेशन के कोविड मरीजों के साथ संवाद स्थापित किये जाये और विधानसभावार होम आइसुलेट मरीजों की सूची मोबाइल नम्बर सांसद, विधायक को भी उपलब्ध कराये जाये ताकि वे उनसे संवाद स्थापित कर सकें। उन्होंने कहा कि हर कोविड हास्पिटल में मरीजों के संबंध में जानकारी उनके परिजनों की जरूर दी जाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्यान्न वितरण कार्य की निगरानी हेतु एक नोडल अधिकारी नामित करें, गेहूं क्रय केन्द्रों को सोशल डिस्टेंसिंग, कोविड प्रोटोकाल के तहत के साथ संचालित किया जाये तथा गोआश्रय स्थल पर चारे आदि की व्यवस्था हो।
मुख्यमंत्री ने स्वच्छता, सेनेटाइजेशन एवं फागिंग कार्य को एक अभियान के रूप में संचालित करने तथा इस कार्य हेतु नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह अभियान कोविड के साथ ही बरसात में इसंेफलाइटिस से बचाव में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि कन्टेनमेन्ट जोन मे सख्ती की जाये केवल मेडिकल, स्वच्छता, सेनेटाइजेशन, फागिंग, डोर स्टेप डिलेवरी की अनुमति होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सावधानीध्सतर्कता कोविड से बचाव का सर्वोत्तम उपाय है। उन्होंने बेड की संख्या बढ़ाने तथा शासन के नियमों का शत प्रतिशत अनुपालन करने और पीकू को क्रियाशील रखने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 30 अप्रैल तक प्रदेश में 3 लाख 10 हजार एक्टिव केस थे और आज 10 मई को 2 लाख 25 हजार एक्टिव केस है अर्थात 85 हजार एक्टिव केस कम हुआ है।
मुख्यमंत्री जी ने एम्स का निरीक्षण कर वहां पर बोइंग कंपनी के सहयोग से 200 बेड के कोविड वार्ड के निर्माण के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने एम्स के अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिला प्रशासन के सहयोग से तत्काल 200 बेड का वार्ड आरम्भ किया जाये साथ ही एम्स के तृतीय तल के कार्य को भी तेजी से पूर्ण किया जाये जिससे बेडों की संुख्या में और वृद्धि की जा सके। उन्होंने कहा कि एम्स सेवाभाव के साथ कार्य करें।
इस अवसर पर सदर सांसद रविकिशन, सांसद बासगांव कमलेश पासवान, राज्यसभा सांसद जयप्रकाश निषाद, विधायक विपिन सिंह, संगीता यादव, महेन्द्रपाल सिंह, संत प्रसाद, शीतल पाण्डेय, क्षेत्रीय अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह सहित मण्डलायुक्त जयंन्त नार्लिकर, जिलाधिकारी के0 विजयेन्द्र पाण्डियन एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
