कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर किसान सभा ने रैली निकाली, धरना-प्रदर्शन किया

कुशीनगर।  उत्तर प्रदेश किसान सभा ने सोमवार को कसया तहसील पर उप जिलाधिकारी के कार्यालय के समक्ष 17 सूत्री मांगों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन किया। इस मौके पर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन उपजीलाधिकारी को सौंपा गया। इसके पहले उत्तर प्रदेश किसान सभा के जिलाध्यक्ष कामरेड मोहन प्रसाद गौड़ के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं , किसानों और महिलाओं ने कसया के गोला बाजार से गांधी चौक होते हुए तहसील परिसर तक रैली निकाली।

धरना को संबोधित करते हुए कामरेड मोहन प्रसाद गोंड ने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ 9 अगस्त 2021 को भारत बचाओ दिवस के रूप में किसान पूरे देश में मना रहे हैं। किसानों के साथ सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है। किसान विरोधी तीनों कृषि कानून को वापस लिया जाए,  बिजली संशोधित अध्यादेश 2020 को रद्द किया जाए, एमएसपी की गारंटी दिया जाए, किसानों के सभी बैंकों के सभी प्रकार के कर्जा माफ हो, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया जाए। उन्होंने  फाजिलनगर में स्थापित अमवा शीत गृह को चालू करने, बढ़े हुए डीजल,पेट्रोल व रसोई गैस के दाम वापस लेने, सभी किसानों, मजदूरों, दस्तकारो का पंजीकरण करने, बुजुर्गों के लिए पेंशन बढ़ाकर ₹10,000 करने, महादेव इंडेन ग्रामीण वितरक धनहा मल्लूडीह गैस एजेंसी पर जाने वाली सड़क का तत्काल निर्माण करने, फाजिलनगर नगर में स्थित विद्युत केंद्र एवं सरकारी अस्पताल का उच्चीकरण करने, जोकवा से मधुरिया होते हुए दहारीपट्टी तथा कोटवा करजही से रहसू बाजार और रहसू बाजार से पुरैना होते हुए त्रिमुहानी घाट तक की सड़क को तत्काल निर्माण कराने, करोना काल के दौरान सभी लोगों को जीवन यापन करने के लिए ₹75000 अगले 6 माह तक दिये जाने, दलितों अल्पसंख्यकों आदिवासी महिलाओं पर आए दिन हो रहे अत्याचारों पर रोक लगाने, सभी जॉब कार्ड धारकों को वर्ष में 200 दिन काम और ₹600 प्रतिदिन न्यूनतम मजदूरी देने की व्यवस्था करने की मांग की।

उत्तर प्रदेश किसान सभा के जिला मंत्री कामरेड समसुद्दीन अंसारी ने कहा कि इस सरकार में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। कानून व्यवस्था चौपट हो गई है। एनएच 28 धूनवलिया मोड़ से छहूतक जोड़ने वाली मधुरिया राजवाहा की पटरी की सड़क पूरी तरह गड्ढे में तब्दील हो गई है, उसे अविलंब निर्माण कराया जाए।

कामरेड इस्लाम अंसारी ने कहा कि इस सरकार में सबसे ज्यादा दलित, किसान, मजदूर, अल्पसंख्यक और महिलाओं का उत्पीड़न हुआ है। सरकार के मुखिया झूठ बोलने में माहिर हैं। सरकार में झूठ बोलने की होड़ लगी हुई है। चारों तरफ भ्रष्टाचार का बोलबाला है।

धरना को संबोधित करते हुए नौजवान सभा के जिला संयोजक बृजेश कुमार गौड़ ने कहा कि भाजपा सरकार ने हर साल दो करोड़ बेरोजगार नौजवानों को रोजगार देने का वादा किया था लेकिन सरकार अपना वादा पूरा नहीं कर सकी। पूर्व की सरकारों में रोजगार पाए हुए 12 करोड़ 70 लाख लोग इस सरकार मे बेरोजगार हो गए।

इस दौरान शमशाद अंसारी, डॉक्टर क्यामुद्दीन अंसारी, हरिकेश यादव, अजहरुद्दीन अंसारी, मालती देवी, ताजुद्दीन अंसारी, हरिशंकर यादव, मुश्ताक अंसारी, नूर हसन अली, नंदलाल प्रसाद गौड़, राम प्रसाद गौड़, डॉ अनीता, सिंहासन प्रसाद, रविंद्र प्रजापति, बंगाली प्रसाद, सुभाष गौड़, रमाकांत पटेल, खलील अंसारी, असगर शरीफ, जमालुद्दीन आदि सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।