गोरखपुर। कुशीनारा उच्च अध्ययन संस्थान गोरखपुर द्वारा पूर्व घोषित द्वितीय विमला देवी स्मृति सम्मान प्रतिष्ठित आलोचक व चर्चित पत्रिका ‘ वागर्थ ‘ के सम्पादक शम्भुनाथ को प्रदान किया गया।
राजकीय बौद्ध संग्रहालय में 19-20 सितंबर को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘ परमानन्द श्रीवास्तव : अवदान और महत्व ‘ के पहले दिन 19 सितंबर को शाम के सत्र में वरिष्ठ कवि अरूण कमल द्वारा शम्भुनाथ को यह सम्मान दिया गया। सम्मान स्वरूप एक स्मृति चिन्ह, सम्मान पत्र, उत्तरीय एवं ग्यारह हजार रुपए की नकद राशि प्रदान की गई।
इस अवसर पर मंच पर प्रो कृष्ण चंद्र लाल,प्रो अवधेश प्रधान,प्रो सदानंद शाही एवं प्रो अनिल राय उपस्थित थे। स्वागत वक्तव्य देते हुए प्रो सदानंद शाही ने कहा कि शम्भुनाथ जी दशकों से भारतीय पाठकों के साहित्यिक व सांस्कृतिक आस्वाद को परिष्कृत करने का प्रयास कर रहे हैं। एक क्षमतावान सम्पादक की उनकी भूमिका निर्विवाद है।
शम्भूनाथ के जीवन और कृतित्व की चर्चा करते हुए प्रो अवधेश प्रधान ने कहा कि हिंदी समाज को विवेक पूर्ण चयन और समझ का संस्कार देने का महत्त्वपूर्ण कार्य जिन साहित्यकारों ने किया है उसमें शम्भुनाथ जी का उल्लेखनीय नाम है। प्रतिष्ठित वरिष्ठ कवि अरूण कमल ने शम्भुनाथ जी को रचनात्मक क्षमता सम्पन्न निर्भीक साहित्यकार बताया जिन्होंने सदैव असहमति का विवेक दिखाया है। उन्होंने साहित्य को वृहत्तर सामाजिक सरोकार से जोड़ा। सभी उपस्थित विशिष्ट लोगों ने शम्भुनाथ को इस सम्मान के लिए बधाई दी।
धन्यवाद ज्ञापन करते हुए दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ आचार्य राजेश मल्ल ने कहा कि विमला देवी स्मृति सम्मान देश में मौलिक और रचनात्मक साहित्य कर्म के लिए दिया जाता है। कथाकार रणेन्द्र के बाद यह द्वितीय सम्मान शम्भुनाथ जी को देते हुए संस्थान हर्ष और गौरव का अनुभव कर रहा है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ आनन्द कुमार पाण्डेय ने किया।इस अवसर पर कवि अष्टभुजा शुक्ल, बोधिसत्व, विशाल श्रीवास्तव, चंद्रेश्वर,मनोज सिंह, श्रृति कुमुद, निशांत सहित सैकड़ों की संख्या में साहित्य प्रेमी और पाठक उपस्थित थे।
