गोरखपुर। हिन्दी साहित्य के मूर्धन्य आलोचक, कवि और गद्यकार डॉ. परमानन्द श्रीवास्तव की स्मृति और आलोचनात्मक परम्परा को अक्षुण्ण रखने के उद्देश्य से परमानन्द श्रीवास्तव स्मृति न्यास द्वारा प्रतिवर्ष ‘ परमानन्द श्रीवास्तव आलोचना सम्मान ’ दिए जाने की घोषणा की गई है।
यह सम्मान समकालीन हिन्दी आलोचना में डॉ. परमानन्द श्रीवास्तव की विचार-परम्परा को आगे बढ़ाने वाले किसी महत्वपूर्ण आलोचक को दिया जाएगा। सम्मान स्वरूप ₹11,000 की धनराशि और प्रशस्ति-पत्र भेंट किया जाएगा। सम्मान समारोह आयोजित करने की ज़िम्मेदारी साखी फाउंडेशन की होगी।
यह जानकारी परमानन्द श्रीवास्तव स्मृति न्यास और साखी फाउंडेशन द्वारा जारी विज्ञप्ति में दी गई।
परमानंद श्रीवास्तव स्मृति न्यास की मुख्य ट्रस्टी डॉ. अन्विता श्रीवास्तव ने बताया कि प्रथम ‘ परमानन्द श्रीवास्तव आलोचना सम्मान’ के चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति के अध्यक्ष वरिष्ठ कवि एवं लेखक स्वप्निल श्रीवास्तव हैं। समिति में सुप्रसिद्ध कवयित्री एवं लेखिका डॉ. अनामिका और कवि -आलोचक प्रो. सदानंद शाही सदस्य हैं।
चयन समिति की संस्तुति पर चयनित आलोचक को यह सम्मान 19–20 सितम्बर को डॉ. परमानन्द श्रीवास्तव पर केंद्रित होने वाली राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में प्रदान किया जाएगा।
