गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और उससे सम्बद्ध महाविद्यालयों में बीए एलएलबी के 10वें सेमेस्टर की छह मई की ‘ इंटरनेशनल रिफ्यूजी लॉ ‘ की परीक्षा निरस्त कर गई क्योंकि इस परीक्षा के प्रश्नपत्र के बजाय पाँच दिन बाद होने वाली लॉ ऑफ इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशंस का प्रश्न पत्र वितरित कर दिया गया। अब लॉ ऑफ इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशंस की परीक्षा के लिए नया प्रश्न पत्र तैयार किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस चूक की जांच कराने की बात कही है लेकिन सवाल उठता है कि इस मामले में उसी तरह कार्यवाही की जाएगी जैसा कि जेबी महाजन डिग्री कॉलेज में की गई थी।
बीए एलएलबी की पढ़ाई डीडीयू के साथ ही छह कॉलेजों में होती है। बीए एलएलबी के 10वें सेमेस्टर की परीक्षा के लिए डीडीयू के अलावा सेंट एंड्रयूज कॉलेज और नेशनल पीजी कॉलेज, बड़हलगंज की केंद्र बनाया गया है। छह मई की दोपहर दो से पांच बजे की पाली में ‘ इंटरनेशनल रिफ्यूजी ला ( कोड बीएएल-760) ‘की परीक्षा थी लेकिन परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर लॉ ऑफ इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशंस (कोड बीएएल-762) का प्रश्न पत्र बँट गया। वितरित प्रश्नपत्र की परीक्षा 11 मई को होने वाली थी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने छह मई की परीक्षा निरस्त कर दी है। अन इस पेपर की परीक्षा की तारीख बाद में घोषित होगी। इसके अलावा 11 मई को होने वाली परीक्षा के लिए नए सिरे से प्रश्न पत्र तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन की इस गलती से 400 छात्र-छात्राएं प्रभावित हुए हैं।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा है कि किस स्तर पर चूक हुई है, इसकी जांच कराई जाएगी।
प्रश्नपत्र की छपाई कई स्तरों से गुजरती है। निश्चित रूप से यह गंभीर प्रक्रियागत लापरवाही का मामला है।
एक ऐसे ही मामला जे.बी.महाजन डिग्री कॉलेज, चौरी चौरा में हुआ था। इस घटना के लिए कुलपति ने वहाँ के प्राचार्य को उत्तरदायी ठहराते हुए सम्पूर्ण पुनर्मुद्रण व्यय वसूलने का आदेश दिया। यही नहीं उन्हें केन्द्राध्यक्ष के पद से हटाकर निलंबित भी कर दिया गया। कुलपति ने निलंबन का अनुमोदन भी कर दिया।
अब सवाल उठता है कि बीएएलएलबी परीक्षा संबंधी अनियमितता और लापरवाही के कौन उत्तरदायी है ? जे.बी.महाजन डिग्री कालेज,चौरीचौरा में जैसी कार्यवाही हुई वैसे ही कार्यवाही इस प्रकरण में की जाएगी ? प्रश्न पत्र पुनर्मुद्रण का व्यय कौन वहन करेगा ? क्या जिम्मेदारों के वेतन से वसूली होगी ?
