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शोषित पीड़ित जनता के रहनुमा थे शहीद भगत सिंह

कुरुक्षेत्र (हरियाणा)। आज शहीद भगत सिंह दिशा ट्रस्ट, जन संघर्ष मंच हरियाणा, निर्माणकार्य मजदूर मिस्त्री यूनियन व मनरेगा मजदूर यूनियन ने 23 मार्च 2024 शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव का 94 वां शहादत दिवस मनाया। इन्कलाबी नारों के साथ शहीद भगत सिंह दिशा संस्थान में स्थित शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। विशाल जनसमूह, जिसमें युवाओं और महिलाओं की संख्या अधिक थी, ने शहीद भगत सिंह और उनके साथियों की क्रांतिकारी शिक्षाओं के आधार पर मौजूदा शोषणमूलक पूंजीवादी व्यवस्था को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया। माल्यार्पण के पश्चात गगनभेदी नारे लगाते हुए सभी कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में स्थानीय शहीद मदन लाल ढींगरा पार्क में जन सभा स्थल पर पहुंचे।

शहीद भगत सिंह,राजगुरु और सुखदेव के शहीदी दिवस पर स्थानीय शहीद मदन लाल ढींगरा पार्क में हुई जनसभा की अध्यक्षता जन संघर्ष मंच हरियाणा के राज्य प्रधान कामरेड फूल सिंह ने की और मुख्य वक्ता शहीद भगत सिंह दिशा ट्रस्ट के प्रधान एवं जन संघर्ष मंच हरियाणा के सलाहकार कामरेड श्याम सुंदर रहे। मंच संचालन सुरेश कुमार ने किया। कार्यक्रम के आरंभ में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और पूजा, प्रतिमा, कोमल ने क्रांतिकारी गाने गाए गए। वंशिका, स्नेहा और निष्ठा ने भगतसिंह के ऊपर कविताएँ सुनाईं।

मुख्य वक्ता कामरेड श्याम सुंदर ने अपने संबोधन में कहा कि आज मेहनतकश जनता के रहनुमा शहीद भगत सिंह और उनके साथियों राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस के साथ साथ पंजाब के जन कवि अवतार सिंह पाश का भी शहीदी दिवस है। उन्होंने कहा कि भगतसिंह का दृष्टिकोण हमें मजदूरों किसानों की शोषण दमन से मुक्ति का क्रान्तिकारी रास्ता बताता है। उन्होंने कहा कि शासन की असली ताकत वर्तमान राज्य है। पुलिस, फौज, अदालतें और जेल खाने व अफसरशाही सब राज्य के अंग हैं।‌ मौजूदा शोषणमूलक पूंजीवादी व्यवस्था में राज्य पूंजीपति वर्ग का राज्य है और इसका काम मजदूरों किसानों व तमाम शोषित पीड़ित लोगों का दमन करना है। उन्होंने बताया कि आजादी आंदोलन के दौरान पेशावर में लगान के खिलाफ किसान आंदोलन के दमन करने से इन्कार करने वाली चंद्र सिंह गढ़वाली की फौज की टुकडी का महात्मा गॉंधी ने विरोध किया था। हमें आज मजदूर वर्ग की राजनीति समझनी होगी। किसान आंदोलन के दौरान एक नौजवान गरीब किसान शुभकरण की हरियाणा पुलिस ने गोली मारकर हत्या कर दी। परंतु पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान जीरो एफआईआर दर्ज करवा पाए। वहां जीरो एफआईआर की जांच ही नहीं हो सकती। इससे साफ पता चलता है कि राज्य की ताकत किसके पास है। पूंजीवाद में सरकारें मजदूरों किसानों की शत्रु होती हैं। अंबानी अडानी जैसे पूंजीपतियों और जनता के हित एक नहीं हैं।

एसओएसडी की नेता कविता विद्रोही ने कहा कि शहीद भगत सिंह शोषित पीड़ित जनता के रहनुमा थे। हमारे हीरो अंग्रेजों से कई बार माफी मांगने वाले और धर्म के नाम पर देश को आपस में लड़वाने वाले सावरकर नहीं बल्कि शोषण और गैर बराबरी को मिटाने का रास्ता बताने वाले शहीद ए आजम भगतसिंह हैं।

जन संघर्ष मंच हरियाणा की महासचिव कामरेड सुदेश कुमारी ने कहा कि भगतसिंह और उनके साथी चाहते थे कि अंग्रेजों को निकालने के बाद देश की धन दौलत पर पूंजीपतियों का कब्जा न हो मगर यह न हुआ और भगतसिंह का सपना अधूरा रह गया। उन्होंने मोदी सरकार की तानाशाही का विरोध करते हुए कहा कि आज पुलिस निर्दयता से किसानों मजदूरों और विरोधी आवाज का दमन कर रही है। उन्होंने कल कुरुक्षेत्र में आम आदमी पार्टी के प्रदर्शन पर बर्बर लाठीचार्ज, वाटर कैनन छोड़ने की कड़ी निंदा की। उन्होंने मोदी की झूठी गारंटियों की पोल खोली। महिलाओं के बढ़ते यौन शोषण पर चिंता जाहिर करते हुए सभी महिलाओं से इसके खिलाफ उठ खड़े होने का आह्वान किया।

जन संघर्ष मंच हरियाणा के उप प्रधान कामरेड पाल सिंह ने कहा कि हमें भगतसिंह से सीख लेकर अध्ययन मनन करने को अपनी पवित्र जिम्मेदारी बना लेना चाहिए और ऐसे क्रान्तिकारी पार्टी का निर्माण करके पूंजीवाद के खिलाफ संघर्ष तेज करना चाहिए। ‌

निर्माणकार्य मजदूर मिस्त्री यूनियन के प्रधान करनैल सिंह ने कहा कि बीजेपी सरकार बड़े बड़े विज्ञापन पर करोड़ों रुपया खर्च करके बहका रही है कि हम मजदूरों के खाते में रुपये भेज रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह झूठ है। बोओसीडब्ल्यू बोर्ड से मजदूरों को लाभ नहीं दिये जा रहे हैं। पूंजीपति वर्ग को जनता के गुस्से से बचाने के लिए मजदूर को जाति धर्म में बाँटा जा रहा है। ‌हमें भगतसिंह से सीख लेकर अपनी एकता को मजबूत बनाना होगा।

मनरेगा मजदूर यूनियन के राज्य प्रधान नरेश कुमार ने कहा कि भगतसिंह ने कहा था कि शोषक देसी हो या विदेशी उखाड़ फेंको। आज हमारे देश में देशी शोषक पूंजीपतियों का राज है इसे हमें उखाड़ फेंकना है। उन्होंने मोदी राज में मनरेगा मजदूरों को काम, बेरोजगारी भत्ता नहीं दिये जाने और मनरेगा दिहाड़ी ₹800 नहीं किये जाने का विरोध किया। उन्होंने मजदूरों का आह्वान किया कि हमें अपनी वर्गीय राजनीति को आगे बढ़ाना होगी तभी हमें पूंजीवादी शोषण से छुटकारा मिलेगा।

जनसभा के अध्यक्ष कामरेड़ फूल सिंह ने जनसभा में आए हुए सभी साथियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि जन संघर्ष मंच हरियाणा भगतसिंह की विचारधारा को जन जन में फैलाने और जन संघर्षों को पूंजीवाद के खिलाफ खड़ा करने में लगा हुआ है।

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