Category : साहित्य – संस्कृति

साहित्य - संस्कृति

“ प्रो तुलसीराम दर्शन की मुक्तिकामी धारा के अन्वेषी चिंतक थे ”

गोरखपुर न्यूज़ लाइन
आजमगढ़।  प्रो तुलसीराम स्मृति आयोजन 15 फरवरी, 2026 को आज़मगढ़ के तमसा प्रेस क्लब में ‘ चिंतन की प्रतिरोधी परंपरा और प्रो. तुलसीराम ‘ विषय...
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जलेस के स्थापना दिवस पर युवा कवियों का कविता पाठ, दिवंगत साथियों को याद किया

गोरखपुर न्यूज़ लाइन
गोरखपुर। राष्ट्रीय स्तर पर जनवादी लेखक संघ की स्थापना के 45वें दिवस पर उसकी गोरखपुर जिला इकाई ने एक कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें लेखक संघ...
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जनवादी लेखक संघ के स्थापना दिवस पर काव्य पाठ, वक्तव्य 14 को  

गोरखपुर न्यूज़ लाइन
गोरखपुर। जनवादी लेखक संघ की गोरखपुर इकाई संगठन के 45वें स्थापना दिवस पर 14 फरवरी को दोपहर 1.30 बजे से मियाँ साहब इस्लामिया इंटर कॉलेज...
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लोकरंग -2026 : त्रिपुरा, बुंदेलखंड, छत्तीसगढ़, चम्पारण और बनारस के सांस्कृतिक दल आएंगे

गोरखपुर न्यूज़ लाइन
कुशीनगर। लोकरंग सांस्कृतिक समिति, जोगिया जनूबी पट्टी, फाजिलनगर (कुशीनगर) द्वारा 19 वर्ष से निरंतर आयोजित हो रहा  लोकरंग कार्यक्रम इस वर्ष 11 एवं 12 अप्रैल...
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‘ प्रतिबद्ध सामाजिक-राजनीतिक विमर्शकार थे राजेन्द्र कुमार और वीरेन्द्र यादव ’

गोरखपुर। साहित्यिक-सांस्कृतिक संगठनों द्वारा आज दोपहर में प्रेमचंद पार्क में आयोजित स्मृति सभा में प्रख्यात साहित्यकार राजेन्द्र कुमार और वीरेन्द्र यादव को याद किया गया।...
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वीरेंद्र यादव और राजेन्द्र कुमार की याद में स्मृति सभा 25 को

गोरखपुर। प्रमुख आलोचक वीरेंद्र यादव और कवि-आलोचक राजेन्द्र कुमार को श्रद्धांजलि देने के लिए 25 जनवरी को दोपहर दो बजे प्रेमचंद पार्क में स्मृति सभा...
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‘ ज्ञानरंजन ने कहानी और संपादन में नए प्रतिमान बनाए ’

गोरखपुर। गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में आज दोपहर लेखक-कलाकार संगठनों द्वारा आयोजित स्मृति सभा में प्रख्यात कथाकार एवं पत्रिका ‘ पहल ’ के संपादक ज्ञानरंजन...
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सम्मान, परिचर्चा और कविता पाठ के साथ मना ग्रामीण पुस्तकालय का सालाना जलसा

गोरखपुर न्यूज़ लाइन
देवरिया। ‘स्व. विंध्याचल सिंह स्मारक न्यास द्वारा संचालित ‘ग्रामीण पुस्तकालय’ के स्थापना दिवस पर दिनांक 28 दिसंबर को ग्राम भलुआ में सम्मान समारोह, परिचर्चा और...
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फासीवाद का मुकाबला बड़े परिवर्तनकारी आंदोलन से ही हो सकता है: रामजी राय

गोरखपुर न्यूज़ लाइन
गोरखपुर। ‘ भारत ही नहीं पूरी दुनिया में फासीवाद का खतरा बढ़ रहा है। आज अपने देश में लोकतंत्र का जो संकट उत्पन्न हुआ है,...
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इतिहास को हमेशा सत्य की कसौटी पर खड़ा उतरना चाहिए़ : प्रो.एस.एन.आर. रिज़वी

मऊ। ” इतिहास मात्र तथ्य नहीं बल्कि अपने समय की सच्चाई का वर्णन करता है। इतिहास प्रमाणिक और मूल श्रोतों पर आधारित होना चाहिए। इतिहास...
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अकादमिक इतिहास को आम जनता की भाषा में उपलब्ध होना चाहिए : नज़ीर मलिक

गोरखपुर। गोरखपुर जर्नलिस्टस प्रेस क्लब में 30 नवंबर को ग़ैर अकादमिक इतिहासकार-पत्रकार  नज़ीर मलिक ने विमर्श केंद्रित संस्था ‘आयाम’ द्वारा ” इतिहास का सच और...
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स्त्री जीवन को नियंत्रित करने वाली सामाजिक संरचनाओं की पहचान करती है लघु फ़िल्म “ओद गोहरी ”

लखनऊ। जन संस्कृति मंच, लखनऊ द्वारा एक दिसंबर को लघु फ़िल्म “ ओद गोहरी ” की स्क्रीनिंग एसबीएम लाइब्रेरी के सभागार में हुई। यह आयोजन...
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अभिव्यक्ति के खतरे उठाने के आह्वान के साथ मना जसम का 40वां स्थापना दिवस

लखनऊ, 26 अक्टूबर। जन संस्कृति मंच (जसम) की लखनऊ इकाई ने संगठन का 40वां स्थापना दिवस ‘उठाने ही होंगे अभिव्यक्ति के खतरे’ के आह्वान के...
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कवि -इतिहासकार डा. राजवन्ती मान को दिया गया ‘आयाम सम्मान ’

” हाँ या ना के बीच एक गहरा स्लेटी सागर होता है जिसे पार करने में बार बार डूबना उतरा ना होता है एक शब्द...
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चरथ भिक्खवे-2 : विश्व शांति के लिए बुद्ध की नदी रोहिन की यात्रा करेंगे लेखक-कलाकार

गोरखपुर न्यूज़ लाइन
 गोरखपुर। बुद्ध की करुणा, मैत्री, विश्व शांति के लिए साहित्यिक सांस्कृतिक यात्रा ‘ चरथ भिक्खवे ’ का दूसरा चरण 5-12 अक्टूबर को शुरू हो रहा...
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हम असली मुद्दे और विरासत भूल जाएं, इसके लिए स्मृतियां मैन्युफैक्चर की जा रही हैं- प्रणय कृष्ण

लखनऊ, 15 सितंबर। ” देश में स्मृतियों का गृह युद्ध चल रहा है। सत्ता चाहती है कि उमर खालिद जैसे लोग, जो बरसों से जेल...
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गोष्ठी में विनय मितवा और धर्मेन्द्र त्रिपाठी ने पढ़ी कविता

गोरखपुर। जनवादी लेखक संघ की जिला इकाई द्वारा 24 अगस्त को सिविल कोर्ट बार एसासियेशन, के सभागार में का कविता पाठ का आयोजन किया गया।...
साहित्य - संस्कृति

बदल रहे शब्दों के अर्थ को बचाना कविता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है : दिनेश कुशवाह

कवि-लेखक-संस्कृतिकर्मी अजय कुमार की स्मृति में मऊ में विचार गोष्ठी और काव्य-संध्या का आयोजन  मऊ। राहुल सांकृत्यायन सृजन पीठ और जन संस्कृति मंच द्वारा संयुकर...
साहित्य - संस्कृति

प्रेमचन्द की रचनाओं में देश-समाज के यथार्थ की सच्ची अभिव्यक्ति है -प्रो अनिल राय

गोरखपुर। प्रेमचंद जयंती की पूर्व संध्या पर आज शाम पाँच बजे प्रेमचंद पार्क में प्रेमचंद साहित्य संस्थान द्वारा ‘ प्रेमचंद की दुनिया’ शीर्षक संवाद का...
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साहित्यकार समाज में मूल्यों का निर्माण करता है :  विश्वनाथ प्रसाद तिवारी

गोरखपुर। नगर की प्रमुख साहित्यिक संस्था ‘ गतिविधि ‘ की ओर से हिंदी के प्रसिद्ध साहित्यकार और पद्मश्री विश्वनाथ प्रसाद तिवारी के जन्मदिवस पर एक...